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यमुना मुक्ति अभियान प्रशंसनीय : उमा भारती

Mathura Updated Tue, 05 Mar 2013 05:30 AM IST
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वृंदावन। रमेश बाबा द्वारा प्रारंभ किए गए यमुना मुक्ति अभियान की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। देश के सभी राजनीतिक दल गंगा-यमुना शुद्धीकरण मुद्दे पर संवेदनहीन हैं। यही कारण है कि आज भारतीय संस्कृति की पहचान ये दोनों नदियां अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहीं हैं। उक्त वक्तव्य यमुना मुक्ति पदयात्रा में सहभागिता कर लौटी मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने पत्रकार वार्ता के दौरान दिया।
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उन्होंने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से इस आंदोलन को समर्थन देने की बात की गई है, वह दिल्ली में भी पदयात्रियों के साथ रहेंगी।
उमा ने कहा कि हजारों पदयात्री सर्द मौसम में भी अपने लक्ष्य को निरंतर बढ़ रहे हैं। हरियाणा की कांग्रेस सरकार और केंद्र की यूपीए ने अभी तक यमुना मुक्ति के संबंध मेें कोई निर्णय क्यों नहीं लिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी दोषी ठहराते हुए कहा कि प्रदेश की ढुलमुल नीति के कारण ही आज गंगा-यमुना नदियों में शहरों के नाले गिर रहे हैं। सपा के कार्यकाल में गुंडागर्दी और अराजकता बढ़ी है।
उन्होंने राम सेतु को तोड़े जाने का फैसला हिंदू विरोधी बताया। वार्ता के बाद उन्होंने ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन किए।
पत्रकार वार्ता से पूर्व वह परिक्रमा मार्ग स्थित निकुंज वन वृंदावन में पहुंची। यहां उन्होंने कथा वक्ता संत विजय कौशल महाराज से यमुना मुक्ति के बारे में आगामी योजना पर चर्चा की।
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उनके वृंदावन आगमन पर भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एसके शर्मा, राजेश चौधरी, डा. देवेंद्र शर्मा, सिद्धार्थ लोधी, तरुण सेठ, राजेश गुप्ता, गोपाला चतुर्वेदी आदि ने उनका स्वागत किया।
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