मथुरा। जम्मू में आई बाढ़ की त्रासदी में फंसे शहर की चंद्रपुरी कालोनी के दो भाइयों ने शुक्रवार की रात को घर पर फोन कर अपने सकुशल होने की सूचना दी। बेटों की सलामती की सूचना मिलने पर परिवारीजन ईश्वर को धन्यवाद देते हुए नहीं थक रहे हैं।
चंद्रपुरी कालोनी के धवन और पवन रावत पुत्रगण तेजपाल सिंह रावत 29 अगस्त को घर से कुल्लू-मनाली के लिए निकले थे। तेजपाल सिंह ने बताया कि उनके दोनों पुत्र का कार्यक्रम अपने साथियों के साथ सिर्फ मनाली और धर्मशाला तक जाने का था लेकिन नियति उन्हें जम्मू बुला रही थी। ग्रुप का प्लान बदल गया। सभी मनाली से रोहतांग दर्रा, लद्दाख होते हुए श्रीनगर पहुंच गए और वहां बाढ़ में फंस गए। सेना के जवानों ने उनको बचाया और अपने कैंप में आसरा दिया। धवन और पवन ने शुक्रवार की शाम कारगिल से फोन कर अपने सही-सलामत होने की जानकारी दी। उनके दोनों बेटे सलामत हैं, इसके लिए वह भगवान को धन्यवाद देते हैं।
तेजपाल सिंह ने बताया कि धवन और पवन ने लद्दाख से शनिवार को भी फोन किया था। वह जिस रूट से गए थे, उसी से वापस लौट रहे हैं और रविवार की शाम या सोमवार तक घर पहुंच जाएंगे।