मऊ। सरकारी तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों में यूनिफार्म वितरण के लिए शासन की ओर से बजट ही नहीं जारी किया जा सका है। जबकि निदेशालय की ओर से जुलाई माह में ही यूनिफार्म वितरित करने का फरमान जारी किया गया था। आला अधिकारी बजट न आने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
जिले में 1469 परिषदीय विद्यालय, 94 सहायता प्राप्त और 56 समाज कल्याण विभाग विभाग से संचालित विद्यालय हैं। शासन की ओर से विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को दो सौ रुपये की दर से दो सेट यूनिफार्म दिया जाना है। गत मई माह में ही बच्चों की नाप भी ले ली गई थी। ड्रेस का रंग भी निर्धारित कर लिया गया था। जुलाई माह में सभी प्रक्रिया पूरी कर ड्रेस वितरण कार्य पूरा कर लेने का फरमान जारी किया गया था। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के 12 दिन बाद भी शासन की ओर से धन जारी नहीं किया जा सका है। बजट कब जारी होगा शासन की ओर से गाइड लाइन नहीं आई है। जबकि दो लाख 30 हजार बच्चों के लिए लगभग नौ करोड़ 20 लाख रुपये का बजट जारी किया जाना था। बजट न आने से ड्रेस वितरण प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ने से नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र छात्राओं को बगैर ड्रेस के ही विद्यालय जाना पड़ रहा है। कान्वेंट स्कूल के बच्चों को ड्रेस में जाते देख उनमें हीन भावना विकसित हो रही है। शासन की यही व्यवस्था रही तो बच्चों को ड्रेस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता योगेंद्र यादव का कहना था कि शासन की ओर से बजट नहीं आया है। धन मिलते ही ड्रेस वितरित कर दिया जाएगा।