मऊ। यूसुफपुर मोहल्ला स्थित आवासीय पुलिस चौकी की छत तोड़े जाने के मामले में डीएम और एसपी ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में अधिकारियों ने नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व नगर पालिकाध्यक्ष के शौहर अरशद जमाल की गतिविधियों को सौहार्द व सद्भावना के लिए विध्वंसकारी प्रतीत होना बताया है। मामले में पूर्व चैयरमैन अरशद जमाल व दो अन्य पर नामजद और 32 अज्ञात पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया है।
गौरतलब है कि शहर कोतवाली क्षेत्र के यूसुफपुरा स्थित आवासीय पुलिस चौकी पर बुधवार की सुबह नगर पालिका का ठेकेदार पहुंचा और भवन तोड़ने का काम शुरू कर दिया। इसकी जानकारी अर्चना उपाध्याय, बजरंग दल, विहिप, भाजपा व आरएसएस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को दी। सूचना मिलते ही अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक भारी-भरकम फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। काम रोक दिया। मामले में चौकी प्रभारी संस्कृत पाठशाला पीएन सिंह चौहान की तहरीर पर पूर्व चैयरमैन अरशद जमाल सहित दो अन्य पर नामजद और 32 अज्ञात पर सार्वजनिक संपत्ति क्षतिग्रस्त किए जाने व आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
बाद में पूरे मामले की जांच कर एडीएम गिरिजेश कुमार त्यागी व एएसपी तेजस्वरूप सिंह ने रिपोर्ट जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को सौंप दी। रिपोर्ट में आरोपी पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल के हाल के महीनों के कृत्यों और एक स्थान पर दिए गए सार्वजनिक बयानों का जिक्र है। बताया गया है कि बिना पुलिस-प्रशासन की अनुमति के नगर की संवेदनशील पुलिस चौकी को तुड़वाया जाना कहीं से भी युक्तिसंगत नहीं है। इस बाबत जिलाधिकारी कुमुदलता श्रीवास्तव ने कहा कि शांति और कानून व्यवस्था के लिए पुलिस-प्रशासन कटिबद्ध है। इसके लिए जो भी करना पड़ेगा प्रशासन हर हाल में जरूर करेगा। आपसी सौहार्द को बिगाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जा सकते हैं।