मऊ। संत गणिनाथ जयंती के अवसर पर मध्यदेशीय वैश्य समाज की ओर से रविवार को गाजे-बाजे के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें शामिल भक्तों के जयकारे से वातावरण गूंज उठा।
संत गणिनाथ जयंती के अवसर पर राजस्थान भवन से श्रद्धालुओं ने शोभा यात्रा निकाली। आगे-आगे हाथी और घोड़े चल रहे थे। पीछे बच्चे, महिलाएं और पुरुष भजन-कीर्तन करते चल रहे थे। रह-रह कर बाबा गणिनाथ, सरजू दास और बाबा पल्टू दास की जय जयकार हो रही थी। शोभा यात्रा नगर की परिक्रमा करते हुए भीटी से ब्रह्मस्थान स्थित अतिथि भवन पहुंची। यहां वैदिक रीति से भृगु बाबा और अशोक कुमार आर्य ने यज्ञ हवन किया।
इस दौरान बच्चों ने मनमोहक कार्यक्रम पेश किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय मध्यदेशीय सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रामअधार गुप्त ने कहा कि मध्यदेशीय वैश्य समाज ही नहीं, समग्र वैश्य समाज को संत गणिनाथ ने आलोकित किया है। उनके बताए रास्ते पर चलने से ही देश और समाज की तरक्की संभव है। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पारसनाथ गुप्त, बैजनाथ गुप्त, डा. रामगोपाल गुप्त, नगर अध्यक्ष राजेंद्र राजवती, कुबेरनाथ गुप्त आदि मौजूद थे।