एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

तल्ख धूप पर भारी पड़ी भत्ते के छांव की आस

Mau Updated Sat, 01 Sep 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

मऊ। बेरोजगारी भत्ते के लिए पंजीयन की आखिरी तिथि 31 अगस्त का दिन शायद बेरोजगारों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। आसमान से धूप नहीं बल्कि आग बरस रही थी। लेकिन शुक्रवार को आखिरी दिन भारी उमस और तल्ख धूप के ऊपर बेरोजगारी भत्ते के छांव की आस भारी दिखाई दी। बेरोजगार हाथ में फाइल, सिर पर प्लास्टिक लिए कड़ी धूप में भी ऐसे डिगे रहे कि उनके हौसले देख धूप भी शरमा रही थी। कार्यालय खुलने के पहले से ही लगी भीड़ चार बजे तक जाकर खत्म हुई। आखिरी दिन जिले में कुल बेरोजगारों की संख्या एक लाख 42 हजार पहुंच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश सरकार द्वारा 25 वर्ष से 40 वर्ष तक के बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने को लेकर 31 अगस्त तक पंजीयन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। अंतिम तिथि जैसे जैसे नजदीक आती जा रही थी बेरोजगारों की भीड़ बढ़ती ही जा रही थी। आखिरी दिन सेवा योजन कार्यालय पर सुबह से ही तल्ख धूप होने के बाद भी बेरोजगारों की लंबी कतारें लगी रही। शाम तक हुए पंजीयन में शुक्रवार को कुल 2390 पुरुष एवं 2566 महिलाओं का पंजीयन हुआ। इस प्रकार जिले में कुल बेरोजगारों की संख्या में 88800 पुरुष एवं 53000 महिलाओं का पंजीयन हुआ है। इस संबंध में सहायक रोजगार सहायता अधिकारी उदयनरायन सिंह ने बताया कि अंतिम तिथि के बाद भी पंजीयन के लिए कार्यालय पर सुविधा रहेगी लेकिन भत्ते के लिए सिर्फ 31 अगस्त तक हुए पंजीयनों को ही शामिल किया जाएगा। बताया कि जिनका पंजीयन हो चुका है वह बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन कभी भी कर सकते हैं।

सुरक्षा को लगाए गए दस पुलिसकर्मी
मऊ। सेवायोजन कार्यालय पर किसी भी प्रकार के बवाल की संभावना को देखते हुए दस पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह से ही पुलिस कर्मी कार्यालय पर जम जाते थे। बेरोजगारों को लाइन में खड़े कराने से लेेकर हो हल्ला को शांत करने की उनकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
विज्ञापन


प्यास से तड़फड़ाए, पानी की कोई व्यवस्था नहीं
मऊ। सेवायोजन कार्यालय प्रतिदिन हजारों बेरोजगारों की भीड़ के जमा हो रही है लेकिन नगरपालिका या जिला प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार के पेयजल की सुविधा वहां नहीं उपलब्ध कराई गई है। बेरोजगार तीखी धूप और उमस में पानी से तड़पड़ाते नजर आए। इस बीच वह बोतलों में दूर से पानी भरकर अपनी प्यास बुझाए लेकिन अभी तक यहां कोई नल या ट्राली की व्यवस्था नहीं की जा सकी।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें