मऊ। प्रदेश के सभी परिषदीय तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों में गठित विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को अधिकार और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करने के लिए शासन की ओर से विशेष प्रशिक्षण देने की योजना है। प्रदेश के सभी जनपदों से चयनित मास्टर ट्रेनरों को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाना है। महकमे की ओर से जिले से तीन लोगों को मास्टर ट्रेनर के लिए चयनित किया गया है। यह मास्टर ट्रेनर ब्लाक स्तरीय 30 ट्रेनर तैयार करेंगे। ब्लाक स्तरीय ट्रेनर एनपीआरसी स्तर पर तीन-तीन ट्रेनर तैयार करेंगे जो सदस्यों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण के लिए धन भी स्वीकृत हो गया है।
जनपद में 1600 परिषदीय तथा सहायता प्राप्त विद्यालय हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ छात्रों तक पहुंचाने के लिए सरकारी कवायद तेज हो गई है। छात्रवृत्ति, ड्रेस वितरण, भवन निर्माण सहित विभिन्न कार्यों के लिए अब शासन की ओर से विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में सीधे भेजा जाएगा। समिति में कुल 15 सदस्य बनाए गए हैं। अधिकांश सदस्यों को अपने अधिकार और कर्तव्यों के बारे में जानकारी तक नहीं है। जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता के लिए अब शासन की ओर से सभी सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण देने का खाका तैयार किया गया है। प्रदेश के सभी जनपदों से तीन-तीन मास्टर ट्रेनर का चुनाव किया गया है। सभी मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण लखनऊ में तीन और चार अक्तूबर को होगा। जनपद से जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता योगेंद्र प्रसाद यादव, डायट प्रवक्ता तथा एक स्वयंसेवी संस्था से नामित प्रतिनिधि होंगे। प्रशिक्षण हासिल करने के बाद तीनों मास्टर ट्रेनर प्रत्येक ब्लाक से तीन-तीन ट्रेनरों को प्रशिक्षण प्रदान कर नगर सहित नौ ब्लाकों से कुल 30 ट्रेनर तैयार करेंगे। प्रशिक्षित 30 ट्रेनर प्रत्येक एनपीआरसी पर ट्रेनरों को प्रशिक्षण प्रदान कर तीन-तीन यानी 276 ट्रेनर तैयार करेंगे। यह ट्रेनर प्रत्येक गांवों में कार्यशाला का आयोजन कर विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को अधिकार तथा कर्तव्यों के प्रति जागरूक करेंगे।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता योगेंद्र यादव का कहना था कि विद्यालय प्रबंध समिति के सभी सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा तभी योजनाओं का लाभ छात्रों तक पहुंचेगा।