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लक्ष्य से काफी कम जंची कापियां

Mau Updated Thu, 02 May 2013 05:30 AM IST
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मऊ। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल-इंटर परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर राजनीतिक घमासान भारी पड़ गया है। मूल्यांकन कार्य जहां एक ओर कई अध्यापकों के लिए महज लाभ-हानि का प्रश्न बनकर रह गया है। वहीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम के समय पर असर पड़ने की संभावना प्रबल हो गई है। 7,08,545 उत्तर पुस्तिकाओं के सापेक्ष बुधवार तक 1,89,905 कापी ही जांची जा सकी है। जबकि मूल्यांकन की अंतिम तिथि 10 मई निर्धारित की गई है।
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हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए नगर के तालीमुद्दीन इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज तथा नोमानी इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। मूल्यांकन की शुरुआत होते ही परीक्षकोें के बहिष्कार के चलते कार्य की गति काफी धीमी है। इससे रिजल्ट पर असर पड़ने की संभावनाएं तेज हो गई है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर नजर डाली जाए तो इंटर के लिए बनाए गए एकमात्र केंद्र डीएवी इंटर कालेज में इंटर की 386000 के सापेक्ष एक लाख कापियां जांची जा चुकी हैं। इसी तरह हाईस्कूल के मूल्यांकन के लिए दो केंद्र बनाए गए हैं। जहां तालीमुद्दीन इंटर कालेज में दो लाख के सापेक्ष 59110 उत्तर पुस्तिकाआें का मूल्यांकन हो चुका है।
वहीं नोमानी इंटर कालेज में 122545 उत्तर कापियों के सापेक्ष 30795 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है। इस तरह हाईस्कूल की 3,22,545 कापी में 89,905 कापी ही जच पाई हैं। आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि बोर्ड की ओर से मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की भेजी गई सूची में काफी परीक्षक बहिष्कार कर रहे हैं तो सहायता प्राप्त विद्यालयों के दर्जनों परीक्षक बाहर चले गए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो प्रदेश के किसी भी जिले में मूल्यांकन कार्य पिछड़ता है तो इसका असर पूरे परिषद के परिणाम पर पड़ता है। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक सुनील दत्त इसे प्रदेश स्तरीय मसला बताकर समूचे मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं। कहा कि मूल्यांकन कार्य तो जारी ही है, बाकी यही हाल तो पूरे प्रदेश का है।
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