रतनपुरा। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में अघोषित बिजली कटौती से लोगों को तमाम समस्याओें से जूझना पड़ रहा है। बिजली की आंख मिचौली से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। 18 घंटे के सापेक्ष लगातार चार घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। बार-बार ट्रिपिंग होने से मड़ाई कार्य नहीं हो पा रहा है। कम बिजली मिलने से लोगों को शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। आला अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था मेें सुधार नहीं किया जा सका है। इससे लोग आक्रोशित हैं।
रतनपुरा विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के मुबारकपुर, मेउड़ीकला, गाढ़ा, करउथ, गुलौरी, इटैली, ठैचा, पीपरसाथ, सिधवल, दतौड़ा सहित दर्जनों गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों के अनुसार उपकेंद्र के बदहाल होने तथा जर्जर तारों के आए दिन टूटते रहने के चलते विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। शाम होते ही गांवों में अंधेरा पसर जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार तारों में स्पार्किंग के चलते फाल्ट होने पर कई दिनों तक विद्युत आपूर्ति बाधित हो जा रही है। शट डाउन लेकर बिजलीकर्मी पूरा समय फाल्ट ढूंढने में ही लगा दे रहे हैं। आपूर्ति के अभाव में मड़ाई कार्य बाधित होने से किसानों की नींद उड़ गई है। वहीं कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। इस संबंध में किसान नेता जगदीश सिंह, दुर्गा जायसवाल, मोहन गुप्ता, श्रीराम यादव, सूर्यनाथ सिंह, रामविलास राजभर ने कहा कि उपकेंद्र में आए दिन तकनीकी खराबी आने, तारों के टूटने तथा अघोषित बिजली कटौती के चलते खेती किसानी भगवान भरोसे हो रही है। अधिकारियों द्वारा बिजली समस्या समाधान का आश्वासन हवा हवाई साबित हो रहा है। सब्जी तथा गन्ने की फसल सिंचाई के अभाव मेें सूख रही है। आपूर्ति बाधित होने से नींद पूरी नहीं हो पा रही है।