मऊ। नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर सात के खालसा कानून गोयान चक स्थित टुटहवा पुल पर रह रहे लोगों को वर्तमान समय में विस्थापन का डर सता रहा है। तमसा नदी पर ढेकुलिया घाट पर बने पुल का रास्ता परिवर्तन होने के बाद बस्तीवासी डरे-सहमे से हैं। पुराना पुल टूटने के बाद 67 वर्षाें से पुल पर अपनी मड़ई डालकर करीब 100 परिवार के 500 से अधिक लोग निवास करते हैं।
1956 में तमसा नदी में आई बाढ़ के बाद ढेकुलिया घाट पर बना पुल टूट गया था। जिसके एक वर्ष बाद से टूटे हुए पुल के रास्ते पर कई लोग मड़ई बनाकर रहने लगे। वर्तमान समय में यहां पर करीब 100 परिवार अपनी मड़ई और झोपड़ी बनाकर रहते हैं। लोगों के पास यहीं का निवास प्रमाण पत्र और पहचान पत्र भी है। ये लोग यहां से ही मतदाता भी हैं। लेकिन वर्तमान समय में ढेकुलिया घाट पर बनकर तैयार हुए पुल का रास्ता परिवर्तित होने के बाद यहां के लोगों को विस्थापन का डर सता रहा है। पहले नवनिर्मित पुल का रास्ता दूसरी तरफ से जाना था। लेकिन रुपये बचाने के फेर में निर्माण कराने वाली संस्था ने नए पुल के रास्ते को टुटहवा पुल के रास्ते से ही जोड़ दिया है। ऐसे में यहां रहने वाले लोग भयभीत हैं कि आज नहीं तो कल प्रशासन द्वारा उनके आवास की जमीन खाली करा ली जाएगी।