ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Wed, 22 Jun 2016 11:57 PM IST
पीड़ित को चेकर प्रदान करते अधिकारी
मानसून आने के साथ ही दैवीय आपदा ने भी कहर बरसाना शुरू कर दिया है। पिछले एक माह में दैवीय आपदा से छह लोगों की मौत हुई है। इन्हें हालांकि जिला प्रशासन ने चार लाख रुपया की दर से दैवीय आपदा राहत का चेक भी दे दिया है। सभी तहसीलों ने आपदा से बचाव को लेकर बजट की भी मांग की है।
जिले में मानसून आने के पहले से ही दैवीय आपदा का प्रकोप शुरू हो गया। पूर्व में आंधी-पानी आने से जहां तीन की मौत हो गई वहीं अब तक बरसात में बिजली करेंट से भी तीन मौत हो चुकी हैं। 21 जून को बरसात में बिजली गिरने से बिलौंझा गांव निवासी इंदल पुत्र मोहन की जान चली गई। ्र
वह मजदूरी करके घर लौट रहा था कि बिजली करेंट की चपेट में आ गया। उसकी मौत से पत्नी की चिंता अपने बच्चों की परविश को लेकर है। यही हाल घोसी तहसील क्षेत्र के बड़रांव में बिजली करेंट से मरे बीए के छात्र ओमकार की भी है। वह अपने खेत में धान की रोपाई कर रहा था
इसी दौरान बिजली करेंट उतरने से उसकी मौत हो गई। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर तीन मवेशी भी मर गए। इसके पूर्व सदर तहसील क्षेत्र में 27 मई को आए आंधी और तूफान के साथ बरसात में पेड़ गिरने से उसमें दबकर हरपुर निवासी लालबची देवी एवं भवनाथपुर निवासी कल्पनाथ पुत्र हरिराम की मौत हो गई वहीं घोसी क्षेत्र में एक व्यक्ति की पेड़ में दबकर मौत हो गई। दैवीय आपदा से जिले में इस महीने छह की मौत हो चुकी है।
प्रशासन का दावा है कि दैवीय आपदा से पीड़ित सभी मृतक के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की दर से राहत चेक का वितरण कर लिया गया है। आए दिन हो रही घटनाओं को देखते हुए सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों ने बजट की मांग की है। अपर जिलाधिकारी शिवकुमार वर्मा का कहना है कि दैवीय आपदा से मरे मृतक परिवारों को चार-चार लाख रुपये की दर से दैवीय आपदा का चेक वितरित कर दिया गया है। घायलों एवं मवेशियों के मरने के मामले में तय गाईड लाइन के हिसाब से राहत दी जा रही है। बताया कि दैवीय आपदा से मरने वाले परिवारों के लिए बजट की कमी आड़े नहीं आएगी। सभी तहसीलों को मांग के अनुसार बजट की व्यवस्था की जा रही है।