दुबारी पुलिस चौकी परिसर में हुआ जलजमाव।
मधुबन तहसील क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बारिश से हुए जलजमाव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से बरसात का पानी और लोगों के घरों का गंदा पानी हमेशा जमा रहता है। जिससे स्थानीय लोग मच्छरजनित और संक्रामक बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। विभागीय लापरवाही के चलते संक्रामक रोगों और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। निजी अस्पताल में गत माह डेंगू के तीन पॉजीटिव केस मिलने के बाद भी दवाओं का छिड़काव अब तक नहीं किया जा सका है। स्वास्थ्य महकमा डेंगू मरीज मिलने से इंकार करता रहा है।
बारिश से मधुबन के देवारा तथा जिले के विभिन्न इलाकों में जलजमाव हो गय है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मधुबन तहसील के मधुबन कस्बा के कटघरा शंकर तथा मधुबन कस्बा की सार्वजनिक नालियां जाम रहती है। इससे गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इसी तरह दुबारी क्षेत्र के गजियापुर बाजार, दुबारी नई बस्ती में ढ़ाई फीट पानी भरा है। इससे लोगों को पानी में से होकर आना जाना पड़ रहा है। इसी तरह परसिया जयरामगिरी हरिजनबस्ती, अहिरुपुर तिघरा में जलजमाव से लोगों को दिन रात बिताना मुश्किल हो रहा है।
हमेशा जलजमाव रहने से मच्छरजनित सहित संक्रामक बीमारियों के प्रकोप से लोग ग्रसित हो रहे हैं। नगर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसएनखत्री ने बताया कि हमेेशा जलजमाव रहने से पेट दर्द, मलेरिया, डायरिया, टाइफायड, बुखार, डेंगू सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों हो सकती हैं। जलजमाव होने के बाद भी क्षेत्रों में अभी तक रासायनिक दवाओं का छिड़काव नही किया गया। जिले में संक्रामक रोगों व मच्छरों की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय स्वच्छता
अभियान से लेकर विकास तथा चिकित्सा विभाग के माध्यम से लगभग 24 मदों में प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक का बजट मिलता है। जबकि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जनपद के प्रत्येक गांवों में ग्राम प्रधान और एएनएम के संयुक्त खाते में 10 हजार रुपये की धनराशि भेजी जाती है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय ने कहा कि संक्रामक रोगों तथा मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं।