मेरठ। बुधवार को विघभनहर्ता गणपति का जगह जगह विधि विधान से पूजन हुआ। गणेश चतुर्थी के अवसर शहर के विभिन्न भागों में गणपति बप्पा के जयकारों के बीच बुद्धि प्रदाता की प्रतिमा की स्थापना की गई। लोगों ने अपने घरों में भी प्रतिमा की स्थापना कर पूजा अर्चन की। मंदिरों में लाइटों और फूलों की भव्य सजावट की गई।
कल्याणी आदर्शनगर स्थित सिद्धपीठ विनायक गणपति मंदिर में तेरहवां वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। प्रतिमा का षोडषोपचार से पूजन किया गया। 1001 मोदकों का भोग लगाया गया। इस अवसर पर हुए भंडारे में आस पास के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पुजारी गणेश ठाकुर ने बताया कि गणपति भगवान की ऐसी प्रतिमा जिसमें सूंड़ बाईं ओर हो उसका पूजन करने मनोकामना जल्दी पूर्ण होती है। मंदिर के संस्थापक हरिकिशोर गुप्ता ने बताया कि मुंबई के सिद्ध विनायक की तर्ज पर मंदिर की स्थापना की गई है। सरिता ने भजन गए और महिलाओं की टोली ने डांडया नृत्य किया। अतुल गुप्ता, आलोक गुप्ता, महेंद्र मित्तल, राजेंद्र मोहन गुप्ता, आनंद झा ने सहयोग किया।
शहर सर्राफा बाजार में विधिविधान से गणपति की प्रतिमा की स्थापना हुई। इसके पूर्व प्रतिमा को घंटाघर स्थित मुकुंदी देवी धर्मशाला से बैंड बाजों के साथ आयोजन स्थल तक लाया गया। मंत्रोच्चार के बीच पुरोहितों ने गणेश भगवान का पूजन किया। विशेष आरती में सैकड़ों लोगों ने शाम को हुई विशेष आरती में भाग लिया। श्री गणेश महाराष्ट्र मित्र मंडल के पोपट खंडारे, महेंद्र पाटिल, संत कुमार वर्मा आदि ने सहयोग किया।
सदर सर्राफा में दिगंबर जैन मंदिर के पास गणपति का भव्य पंडाल सजाया गया। सर्राफा बाजार में आभूषणों का काम करने वाले लोगों ने उत्साह से भाग लिया। इस अवसर पर महाराष्ट्र से बुलाए गए पुजारियों ने पूजा की।
साकेत शिव मंदिर में फूलों की सजावट की गई। चालीस किलो मोदक का भोग लगाया गया। दिनेश सिंह, सुधांशु शर्मा, पुजारी तारानंद झा, मंडलेश्वर शर्मा आदि मौजूद रहे।