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सात साल के बच्चे से बवाल का खतरा

Meerut Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। पुलिस का एक ऐसा कारनामा उजागर हुआ है, जिसे सुनकर सभी हैरत में पड़ जाएंगे। इससे न केवल पुलिस की लापरवाही उजागर होती है बल्कि उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े होते हैं। मकान में कब्जे को लेकर चले आ रहे विवाद में लिसाड़ीगेट पुलिस ने तीन मासूमों (सात, नौ, दस वर्ष) से बवाल का खतरा बताया है। तीनों बच्चों समेत 19 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया। इतना ही नहीं इन्हें पाबंद करने के लिए कोर्ट में सूची भी भेजी है। पीड़ितों ने पुलिस पर पैसा लेकर ऐसा करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को एसएसपी से कार्रवाई की मांग की है।
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लिसाड़ीगेट क्षेत्र के फतेहउल्लापुर रोड पर गड्ढे वाली गली में जर्रार पत्नी व बच्चों के साथ रहता है। आरोप है कि जाकिर कालोनी का इनाम उर्फ कबरा व अन्य चार युवक उसके घर पर कब्जा करना चाहते हैं। इसे लेकर दोनों पक्षों में कई बार मारपीट और पथराव हुआ। लिसाड़ीगेट पुलिस ने तीन बच्चों इस्माइल (7), उमर फारूख (9) और अहमद (10) पुत्र जर्रार समेत दोनों पक्षों से 19 लोगों के खिलाफ बवाल की आशंका जाहिर करते हुए शांतिभंग में चलान कर दिया। इनको पाबंद करने के लिए सूची भी नगर मजिस्ट्रेट को भेज दी। जर्रार पक्ष के लोगों ने पुलिस पर पैसा लेकर तीन मासूमों का भविष्य बिगाड़ने का संगीन आरोप लगाया है। साथ ही यह भी कहा कि सेटिंग करके उसके पूरे परिवार को पाबंद करा दिया। मामले को लेकर फतेहउल्लापुर रोड के कई लोग एसएसपी से मिले।
दिनभर पुलिस दफ्तर में रहे बच्चे
लिसाड़ीगेट पुलिस का काला चिट्ठा लेकर बच्चों समेत पूरा परिवार दिनभर पुलिस दफ्तर में बैठा रहा। बच्चे उठे तो मां शबाना बोली कि चुप बैठे रहो, आपको पुलिस ने मुल्जिम बना दिया है। पुलिस उन्हें जेल में बंद न करा दे, इस डर से वो ऑफिस में भी जाने की हिम्मत न जुटा पा रहे थे। दोपहर के बाद डरते डरते वो एसएसपी से मिले।
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वर्जन
बहुत ही संगीन मामला है। इसकी जांच विशेष जांच प्रकोष्ठ (एसआईएस) को सौंपी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई होगी।
- के. सत्यनारायणा, एसएसपी
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