मेरठ। गंगानगर स्थित आईआईएमटी कालेज में बुधवार को सीबीएसई की तीन दिवसीय कलस्टर वॉलीबाल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर छात्रों ने गणेश वंदना, वेस्टर्न और इंडियन कल्चर पर प्रस्तुतियां दी। प्रतियोगिता में यूपी और उत्तराखंड के 140 स्कूलों से लगभग 1500 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। पहले दिन लगभग 50 मैच हुए। आईआईएमटी एकेडमी ने अमरोहा की टीम को हराया।
सीबीएसई कलस्टर वॉलीबाल का उद्घाटन मुख्य अतिथि भारतीय आतंक विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमएस बिट्टा और सम्मानित अतिथि अंतरराष्ट्रीय पहलवान अलका तोमर की मौजूदगी में हुआ। मार्च पास्ट के बाद विभिन्न टीमों के बीच मैच शुरू हुआ। इसमें लड़कों में लिटिल स्कोलर, अमरोहा, रैनीसंस बुलंदशहर, व्योगयोर हापुड़, रॉकऐड नोएडा, बालभारती मोदीनगर, सीएचएसपी मेमोरियल स्कूल गाजियाबाद, महाराजा अग्रसेन गाजियाबाद, इंद्रपस्थ मुरादाबाद, मैरीगोल्ड नोएडा, डीएवी मुजफ्फरनगर, एमपीएस मेरठ, सिल्वरलाइन गाजियाबाद, चौधरी अजब सिंह गाजियाबाद, एसवीएम गाजियाबाद, चिल्ड्रेन एकेडमी रुड़की, लिटिल एंजेस पीलीभीत, आरके पब्लिक स्कूल अमरोहा की टीमें विजयी रहीं।
लड़कियों में डीडीपीएस संजय नगर, आईपीएस मेरठ, ट्रांसलेम मेरठ, रियान इंटरनेशनल गाजियाबाद, महामाया बालिका इंटर कालेज नोएडा, गांधी नगर पब्लिक स्कूल मुरादाबाद, महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज गाजियाबाद, सावित्री बाई फूले बालिका इंटर कालेज नोएडा, एमपीएस गर्ल्स मेरठ की टीमें विजयी रहीं। कालेज के चेयरमैन योगेश मोहन गुप्ता, महाप्रबंधक अभिनव अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर कोच वीरपाल चौहान, नीरज डेविट, रेखा चौधरी और प्रेस प्रवक्ता मानव शर्मा, संदीप भाटिया आदि का सहयोग रहा।
क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों पर ध्यान दे भारतीय : एमएस बिट्टा
कलस्टर में आए एमएस बिट्टा ने कहा कि हर भारतीयों को क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों पर ध्यान देना चाहिए। वॉलीबाल और फुटबाल हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं, लेकिन इन खेलाें को हाशिए पर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में हैं। युवाओं की सोच और समर्पण की भावना भारत के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है।
भारत के हर खेल में टैलेंट है : अलका तोमर
अलका तोमर ने कहा कि भारत के हर खेल में बहुत टैलेंट है। फिर चाहे खेल का मैदान हो या अन्य। मेहनत और लगन ही सफलता दिला सकती है, लेकिन सभी खेल क्रिकेट के आगे बौने साबित कर दिए गए हैं। इसलिए इस तरह के आयोजनों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए, ताकि हर खेल को सही स्थान मिल सके।