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हाल क्या है शहर का न पूछो...

Meerut Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। सफाई ने होने से नगर की कई कालोनियों में गंदगी पसरी हैं। कूडे़ के ढेर का आकार दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। वहीं नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। बदबू के कारण लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है, लेकिन जनप्रतिनिधि और अधिकारियों को लोगों की फिक्र नहीं हैं।
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खत्ता रोड निवासी मोहित शर्मा का कहना है कि क्षेत्र में जलनिकासी का प्रबंध न होने से माधवपुरम के पास सड़क पर लंबे समय से गंदा पानी एकत्र हो रहा है। इससे सड़क तालाब का रूप ले चुकी है। इस स्थान से पैदल निकलना भी दूभर है। कई बार पैदल यात्री भी फिसलकर गिर चुके हैं। श्रद्धापुरी के अजय चौधरी का कहना है कि कॉलोनी में लगभग तीन साल पहले नाले का निर्माण कराया गया था, तभी से नाले की सफाई नहीं हुई है। इससे कूड़ा अटा पड़ा है। नाले का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। पार्षद और मेयर से नाला साफ कराने की गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। दुर्गाबाड़ी इंटर कॉलेज, सदर के पास रहने वाले विनोद गोयल ने बताया कि क्षेत्र में कूडे़ के ढेर लगे हैं। सफाईकर्मियों के नहीं आने से बदबू ने सांस लेना दुश्वार कर दिया है। नगरायुक्त और मेयर को पत्र भेजा था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। लिसाड़ी रोड निवासी शम्मन खां ने कहा कि क्षेत्र में नालियों की सफाई नहीं हो रही है। पॉलीथिन और कूड़ा अटा होने से गंदगी सड़कों पर फैल रही है। देवी नगर के दिनेश गर्ग ने बताया कि सड़कों पर ही गंदगी डाली जा रही है। मेयर और पार्षद स्तर से कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कई स्थान पर नाले की दीवार भी टूटी हुई है। सुभाष नगर के महेंद्र सिंह और देहली रोड निवासी शाहिद सैफी ने भी नालियाें की सफाई नहीं होने से परेशानी होने की बात कही।

टूटी सड़कों से हो रहे हादसे
रिठानी से पूठा को जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हैं। कई बार वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। शोभापुर क्षेत्र की सड़कों का भी हाल बुरा है। क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए कई स्तर पर अधिकारियों को पत्र भेजे गए, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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नीटू, रिठानी, दिग्दर्शन सिंह, शोभापुर

अनसुनी कर रहे हैं विद्युत अधिकारी
शताब्दी नगर ए पॉकेट में बिजली के खंभे टेढे़ हो गए हैं। इससे हर समय हादसे की आशंका रहती है। क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटें भी शोपीस बनकर रह गई हैं। वहीं एनएएस कॉलेज के बराबर में बने नाले पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। इसके अलावा हापुड़ रोड पर भी आधे से अधिक स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। कई बार लोग इस मार्ग पर चोटिल हो चुके हैं। इस बारे में विद्युत अधिकारियों को बताया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
-दिनेश धामा, शताब्दीनगर सेक्टर एक, उमाशंकर, शिवाजी रोड, चंद्र प्रकाश, तेजगढ़ी

तीन दिन से बाधित है जलापूर्ति
कालोनी में तीन दिन से जलापूर्ति बाधित है। कोलोनाइजर को समस्या से अवगत कराया जा चुका है। निगम अधिकारियों को भी शिकायत भेजी जा चुकी हैं। जलापूर्ति सुचारु न होने से समस्या हो रही है।
-एपी सिंह, ऋषिनगर

एजेंसी संचालक कर रहा वसूली
बागपत अड्डे के पास स्थित एक गैस एजेंसी का संचालक केवाईसी फार्म बीस रुपये में बेच रहा है, जबकि अन्य एंजेसियों पर यह नि:शुल्क दिया जा रहा है। हाल ही में एजेंसी संचालक ने सत्यापन के नाम पर 65 रुपये प्रति कनेक्शन वसूले थे।
-नरेंद्र सिंह, रोहटा रोड

बच्चों के खेल (पार्क) पर जड़ा ताला
मेरठ। क्या आप यकीन करेंगे कि बच्चों के खेल (पार्क) पर दबंगई के जरिए ताला भी जड़ा जा सकता है? मासूम बच्चों को यहां खेलने से रोका जा सकता है? पार्क में कुर्सी-टेबल डालकर इसे निजी उपयोग में लाया जा सकता है? इसकी दीवार का इस्तेमाल करते हुए फर्नीचर का ढे़र लगाया जा सकता है? आपको यकीन हो अथवा नहीं जली कोठी स्थित अब्दुल हमीद पार्क की स्थिति ऐसी ही है। प्रवेश द्वार पर डला ताला खुद ही पूरे हालात की पुष्टि कर रहा है।
यासुदीन: हां मैंने ही इस पार्क पर ताला लगाया है। कैंट बोर्ड अधिकारियों ने ही मुझे यहां ताला लगाकर पार्क की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा था। आवारा पशुओं का प्रवेश रोकने के लिए यहां ताला लगाया गया है। हम खुद ही पार्क की स्वच्छता का ध्यान रखते हैं।
शफीक: पार्क की स्थिति में सुधार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। इसके लिए आम लोगों के साथ ही कैंट बोर्ड को अपनी जिम्मेदारी का एहसास करना होगा। सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है।
बब्बू: यहां सड़क टूटी पड़ी है। खाली प्लॉट को खत्ते में तब्दील कर दिया गया है। पार्क की हालत भी सभी के सामने है। पार्क में अवैध रुप से मौजूद सामान को तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए।
अकरम: लोगों के लिए बनाए गए पार्क पर चंद लोगों ने अवैध रुप से कब्जा कर लिया है। पार्क में खुलेआम कुर्सी-टेबल डाल दी गई है। इसके बाहर दीवार के सहारे अलमारी और फर्नीचर का ढेर लगा दिया गया है। दबंगई इस कदर है कि पार्क पर ताला जड़ दिया गया है। जबकि बगल में बना खत्ता लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। अनेक स्ट्रीट लाईटें भी खराब पड़ी हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी:
पार्क की देखभाल के लिए स्थानीय लोगों से कहा गया है। हालांकि पार्क पर ताला जड़कर इसमें टेबल-कुर्सी रखा जाना गलत है- अनुज सिंह कैंट बोर्ड अधिशासी अभियंता
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