d अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। बदमाशों ने सोमवार रात नगर निगम कर्मचारी के मकान में 15 लाख का सामान लूट लिया। परिजन बच्ची का जन्मदिन मानने दूसरे मकान में गए हुए थे। बदमाशों ने परिजनों पर लौटतेे में गोलियां बरसा दीं। जिस पर शोर सुनकर वहां भीड़ जमा हो गई। जिस पर बदमाश हवाई फायर करते हुए फरार हो गए। पुलिस देर रात तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाई थी।
रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार निवासी राजकुमार (दिलावर पैलेस के पास ) नगर निगम में जेसीबी चालक है। राजकुमार पत्नी मितलेश व दो बेटों के साथ रात करीब आठ बजे अपने बडे़ भाई ओमवीर (पीएनबी मैनेजर) की पोती के जन्मदिन में ब्रजकुंज गए हुए थे। वे आधा घंटे बाद लौटे तो घर के ताले टूटे थे। राजकुमार का बेटा अंदर घुसा तो बदमाशों ने गोलियां चला दीं। बदमाश एक लाख नगद, 25 तौला सोना, एक किलो चांदी के आभूषण समेत 15 लाख का सामान ले गए। लोगों ने बदमाशों की घेराबंदी का प्रयास किया, लेकिन वे हवाई फायर करते हुए फरार हो गए। टीपीनगर पुलिस जानकारी पाकर मौके पर पहुंची तथा जांच की। राजकुमार ने रात में ही तहरीर दे दी।
आरोपी को पुलिस ने छुड़ाया
वारदात के समय एक आरोपी को लोगों ने पकड़ लिया था। आरोप है कि फैंटम सवार सिपाही ने वहां पहुंचकर उसे छुड़ा दिया। इस पर लोगों ने हंगामा कर दिया। कंकरखेड़ा पुलिस ने मोहल्लावासियों को शांत कराया। लोगों में टीपीनगर पुलिस के खिलाफ आक्रोश है।
घटना छिपाती रही पुलिस
टीपीनगर पुलिस मामले की जांच करने की बजाए उसे छिपाने में जुटी रही। उसने करीब दो घंटे परिजनों से पूछताछ में ही लगा दिए। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए चेकिंग तक नहीं की।
वर्जन
मुझे रात साढ़े दस बजे तक घटना की जानकारी नहीं थी। मैंने मौके पर जाकर मामले की जांच की है। सिपाहियों पर लगा आरोप निराधार है। -रविंद्र यादव, एसओ टीपीनगर।