नोएडा। एनआईओएस के संस्थापक अध्यक्ष कुन्नुनकल ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के गठन से पहले की विभिन्न चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे बिना किसी सहयोग के शिक्षार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कुन्नुनकल एनआईओएस द्वारा नोएडा स्थित नेशनल इंस्टीट्रयूट फॉर इंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट में सोमवार को शुरू हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्शी कार्यशाला में बोल रहे थे।
‘मुक्त विद्यालय में शिक्षार्थियों के लिए प्रोत्साहन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला के पहले दिन उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षार्थियों (लर्नरों) को प्रोत्साहित करने के लिए व्यक्तिगत प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है। कार्यशाला में संस्था के चेयरमैन डॉ एसएस जेना ने एनआईओएस द्वारा संचालित अध्ययन केंद्रों पर मुक्त विद्यालयी प्रणाली के तहत शिक्षार्थियों को प्रोत्साहित किए जाने की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने आशा जताई कि यह कार्यशाला प्रशिक्षुओं के प्रोत्साहन के लिए विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी। कार्यशाला में एनआईओएस के निदेशक (एकेडमिक) डॉ कुलदीप अग्रवाल ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। एनआईओएस सचिव यूएन खवारे ने धन्यवाद ज्ञापित किया।