मेरठ। गरमी की हल्की सी तपिश ही पीवीवीएनएल की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को आइना दिखा देती है। प्रदेश में सबसे ज्यादा राजस्व देने के बावजूद उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। नियमित रोस्टिंग के अलावा इमरजेंसी रोस्टिंग और लोकल फाल्ट के नाम पर बिजली कट लोगों को परेशान कर रहा है।
सोमवार को नियमित रोस्टिंग के अलावा लखनऊ के आदेश पर रात दस बजे से लेकर बारह बजे तक शहर की बत्ती गुल रखी गई। 12 बजे आई बिजली सुबह 5:20 मिनट पर फिर गुल कर दी गई जो छह बजे सामान्य हुई। इसके बाद फिर नो बजेे काट दी गई जो करीब सवा नो बजे चालू हुई। इसके बाद 10:45 मिनट पर तीसरी बार बिजली काट दी गई जो दोपहर 12:15 बजे चालू की गई। रात से लेकर सुबह तक काटी गई बिजली ने जहां लोगों की नींद में खलल डाला वहीं सुबह की कटौती के चलते लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल सका।
इमरजेंसी रोस्टिंग के अलावा शहर के ओवरलोड बिजलीघर क्षेत्रों लिसाड़ीगेट, लिसाड़ी रोड, विकासपुरी, हापुड़ रोड, नौचंदी, रामलीला ग्राउंड, पुराना बिजलीघर आदि में लोकल फाल्ट के नाम पर दो से तीन घंटे अतिरिक्त बिजली काटी गई।
नहीं बदले जा रहे फुुंके ट्रांसफार्मर
विभाग के पास 100 और 250 केवी ट्रांसफार्मरों की भारी कमी चल रही है। गांवों में इस श्रेणी के ही सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। ओवरलोड के चलते रोजना दर्जनों ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। नंगलामल कृषक क्लब के मुख्य समन्वयक ओमवीर सिंह ने अधिशासी अभियंता देहात प्रथम एसएन शुक्ला को सौंपे गए शिकायती पत्र में कहा कि गांव का ट्रांसफार्मर एक महीने से फुंका पड़ा है। ग्रामीणों ने दूसरे ट्रांसफार्मर से बिजली ले ली है, जिससे वह भी ओवरलोड से फुंकने की कगार पर पहुंच गया है। कस्टमर केयर टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत की गई लेकिन समस्या हल नहीं हुई। जेई से बात करते हैं तो स्टोर पर ट्रांसफार्मर नहीं होने की बात कहकर टाल देता है।