मेरठ। मेडिकल कालेज में नर्स से छेड़छाड़ के आरोपी विपिन त्यागी की जमानत याचिका को स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दिया। न्यायिक अभिरक्षा में त्यागी को जिला जेल भेज दिया गया। जमानत प्रार्थना पत्र पर बचाव पक्ष ने मजबूती से दलील पेश कीं, तो अभियोजन ने पुरजोर विरोध किया।
गत 27 मार्च को मेडिकल कालेज की इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ नर्स से छेड़छाड़ की गई। उसमें कर्मचारी यूनियन के नेता विपिन त्यागी के खिलाफ 28 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बुधवार को पुलिस ने आरोपी विपिन त्यागी को गिरफ्तार करके स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया। विपिन त्यागी की ओर से अधिवक्ता अजय त्यागी, तरुण ढाका, धीरेंद्र कुमार तोमर ने विपिन त्यागी को जमानत दिए जाने संबंधी दलील दीं। उन्होंने बताया कि विपिन त्यागी यूनियन नेता है। गत 22 मार्च को मेडिकल कालेज में महिला फार्मसिस्ट रेखा मेहता लापरवाही के कारण मौत हुई। उस मामले में विपिन त्यागी तथा अन्य कर्मचारियों ने हंगामा किया था। इस पर विभागीय जांच हुई। साथ ही प्राइवेट प्रेक्टिस कर रहे चिकित्सकों की शिकायतें भी की गई। कहा गया कि उसी रंजिश के चलते विपिन त्यागी के खिलाफ साजिशन फर्जी मामला दर्ज कराया गया। यह भी कहा कि वारदात की एफआईआर 22 घंटे बाद दर्ज कराई गई। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे आर्डर के संबंध में भी बताया।
वादी पक्ष से संजीव कुमार तथा लोक अभियोजक एचएन मिश्रा ने जमानत का विरोध करके कहा कि विपिन त्यागी बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है। उस पर दर्ज पांच आपराधिक मामले भी अदालत को बताते कहा कि उसके आतंक के कारण मेडिकल कालेज में कोई कर्मचारी ठीक से कार्य नहीं कर सकता है। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कोई नर्स अपनी इज्जत क्यों उछालेगी। पत्रावली का अवलोकन करने के बाद स्पेशल सीजेएम वीपी वर्मा ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। पुलिस ने विपिन त्यागी को जिला जेल भेज दिया।
-- अदालत का आदेश
यूनियन का कार्य उससे संबंधित व्यक्तियों के हितार्थ व लाभार्थ में तथा सुरक्षा प्रदान करना होता है। न कि विधवंसात्मक, आक्रामक, समाज या संस्था को नुकसान पहुंचाना। उसी संस्था की उपचारिका का उत्पीड़न तथा उसे भयाक्रांत कर देना गैर कानूनी है। ऐसा प्रभावशाली व्यक्ति साक्ष्य से भी छेेड़छाड़ कर सकता है। मामले के तथ्यों, परिस्थितियों को देखते हुए जमानत का आधार पर्याप्त नहीं है।
-- क्या महिला की इज्जत इतनी सस्ती है : सीओ मनीषा सिंह
अदालत में जब विपिन त्यागी की जमानत याचिका पर बहस हुई, तो सीओ मनीषा सिंह ने पुलिस की तरफ से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि रेखा मेहता की मृत्यु में किसकी लापरवाही हुई, यह विभागीय जांच का विषय है। यदि स्टाफ नर्स पर उसमें लापरवाही का आरोप है, तो भी इस बात के लिए एक महिला की इज्जत से खेलना न्यायोचित नहीं है। कोई भी महिला किसी को फंसाने के लिए अपनी इज्जत दांव पर नहीं लगाएगी।
-- कचहरी में रहा विपिन त्यागी के समर्थकों का जमावड़ा
मेरठ। आरोपी विपिन त्यागी को पुलिस ने दोपहर करीब दो बजे अदालत में पेश किया। इससे पूर्व 11 बजे से ही विपिन त्यागी के समर्थकों का जमावड़ा कचहरी में लगा रहा। अदालत के बाहर भी भारी भीड़ रही। विपिन त्यागी के अधिवक्ता ने अपनी दलील में भी यह कहा कि यदि विपिन त्यागी खराब प्रवृति का होता, तो कर्मचारियों का इतना साथ उन्हें नहीं मिल पाता। जमानत याचिका खारिज होने के बाद विपिन त्यागी के समर्थकों में मायूसी छा गई और वह अपने घर लौट गए।