मेरठ। पांच हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट परवान चढ़ने से पहले ही अटक गए हैं। विभागों ने ऋण लेने से इनकार कर दिया है। जिलाधिकारी ने इसकी रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेज दी है। इसी कारण मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होने जा रही बैठक का औचित्य भी लगभग खत्म हो गया है।
एनसीआर यूपी रीजन अंतर्गत शामिल जनपदों में आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए विभिन्न विभागों ने कुल 15 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट बनाए थे। प्रथम चरण में पांच हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से लोन लिया जाना था। इसके लिए जल्द ही मंडलायुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण की अध्यक्षता में अहम बैठक होनी है। लेकिन बैठक से पहले ही जल निगम, पर्यटन, विद्युत समेत अन्य विभागों ने प्लानिंग बोर्ड से लोन लेने से इनकार कर दिया है। विभागों के अनुसार लोन लेने के बाद तयशुदा अवधि में इसकी अदायगी भी करनी होगी। लेकिन इस ऋण को जनता से वसूलने के लिए उनके पास कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं है।
यह हैं प्रोजेक्ट :
33 केवी पावर सब स्टेशन : 22 करोड़ 85 लाख
33/11 पावर सब स्टेशन : 23 करोड़
220 केवी ट्रांसमिशन : 28 करोड़ 25 लाख
कुल 81 करोड़ 76 लाख रुपये के प्रोजेक्ट
जल निगम : 1500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट
मवाना नगर पालिका : 35 करोड़
किठौर नगर पालिका : 15 करोड़
दौराला पालिका : 25 करोड़
हस्तिनापुर : 25 करोड़