मेरठ। मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को शुरू हुई सर्राफा कारीगरों की हड़ताल दूसरे दिन ही टूट गई। कारीगरों के असंगठित होने का असर अस्पष्ट रूप से हड़ताल पर दिखा। नील गली और कागजी बाजार के साथ ही कई अन्य क्षेत्रों के कारीगरों ने हड़ताल को समर्थन नहीं दिया।
सदर सर्राफा के कारीगरों ने अन्य क्षेत्रों के कारीगरों को जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। नील गली के कारीगरों ने देर रात बैठक कर हड़ताल में शामिल न होने का फरमान सुना दिया। कुछ ऐसा ही जवाब अन्य क्षेत्रों के कारीगरों ने भी दिया। आखिर में इन कारीगरों ने शनिवार सुबह बैठक कर हड़ताल खत्म कर दी और दुकानें खोलकर आभूषण तराशने का काम शुरू कर दिया। हालांकि बैठक का नेतृत्व कर रहे असलम ने कहा कि कारीगरों के पास मौजूद काम को खत्म होने के बाद मंगलवार वे इस बाबत सर्राफा कारोबारियों से बात करेंगे।
वर्जन...
कारीगरों ने हड़ताल खत्म करके अच्छा कार्य किया है। हम कारीगरों के साथ हैं। उनकी जो भी मांगें है उन पर बैठक कर बात की जाएगी। - दिनेश रस्तोगी, महामंत्री, न्यू सर्राफा व्यापार एसोसिएशन
कारीगरों का निर्णय सही है। हमारी एसोसिएशन इसका समर्थन करती है। - केशव वालिया, अध्यक्ष सदर सर्राफा बाजार