मेरठ। आंधी में उजड़ी शहर की बिजली लाइनें तो ठीक हो गईं, लेकिन सिस्टम पूरी तरह से दुरुस्त नहीं हो पाया है। रोस्टिंग से राहत मिलने के बावजूद कई बिजलीघरों में लोकल कटौती और हाई-लो वोल्टेज का झटका लगता रहा। सुबह शाम की कटौती से उपभोक्ता पीने का पानी भी नहीं भर पा रहे हैं।
सोमवार शाम को आई तेज आंधी ने शहर और गांव की बिजली लाइनों को जमींदोज कर दिया था। 48 घंटे की मशक्कत के बाद शहर की बिजली लाइनों को दुरुस्त करके बिजलीघर तो चालू कर दिए गए लेकिन गांव की बिजली आपूर्ति अभी सामान्य नहीं हो पाई है। बीच-बीच में आ रहे फाल्ट से कभी लाइन ट्रिप कर जाती है तो कभी इंसुुलेटर फट जाते हैं। ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों के चलते मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, पुराना आरटीओ, रामलीला ग्राउंड, लिसाड़ी गेट, लिसाड़ी रोड, विकासपुरी, अम्हैड़ा, मेडिकल, एल ब्लाक आदि बिजलीघर क्षेत्रों में हाई और लो वोल्टेज की समस्या उपभोक्ताओं के लिए सरदर्द बन गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लाइट प्रभावित रहने से उपभोक्ताओं के यहां लगे उपकरण एक साथ यूज हो रहे हैं। बिजली जाने के बाद भी उपकरण खुले रहते हैं। रोस्टिंग या लोकल कटौती के बाद जैसे ही बिजली आती है, तो सिस्टम पर एक साथ दोगुना लोड पड़ता है, जिससे ब्रेकडाउन हो जाता है।