मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय नए सत्र की प्रवेश नियमावली में बदलाव करने जा रहा है। प्रवेश समिति इन पर मुहर लगा चुकी है। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में एक दर्जन से ज्यादा नियम बदलने जा रहे हैं। कई साल बाद यह परिवर्तन हो रहा है। मेरिट में उलझन और परेशानियों को देखते हुए संशोधन किया गया है। यूजी और पीजी कोर्स में दो साल से ज्यादा गैप करने वाले विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल वाले कोर्स में दाखिला नहीं दिया जाएगा। एक साल का गैप में मेरिट तैयार करते समय दो प्रतिशत की कटौती होगी। यह अधिकतम चार प्रतिशत हो सकती है।
विवि प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बैठक कर चुका है। एलएलबी में दाखिले के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों का पालन करना और बीलिब के लिए बैचलर डिग्री में 50 प्रतिशत नंबर होने पर सहमति बन चुकी है। पैरा मेडिकल कोर्स में दाखिले की योग्यता भी प्रवेश नियमावली में शामिल होनी है। इसके लिए डींस को रिपोर्ट देने के लिए कहा है। बीएससी कृषि में वोकेशनल कोर्स वालों का दाखिला नहीं होगा। 12वीं में कृषि या जीव विज्ञान विषय होना अनिवार्य कर दिया है। पहले नियम में जीव विज्ञान की जगह विज्ञान विषय था। एक विषय में ग्रेजुएशन प्राइवेट होगी। बीसीए और बीटेक में मेकेनिकल, कंप्यूटर साइंस, आईटी, ईसी और इलेक्ट्रानिक ब्रांच को बीएससी मैथ के बराबर माना है। बीएससी मैथ के अलावा ये कोर्स करने वाले एमएससी मैथ में दाखिला ले सकेंगे। दाखिले के बारे में विवि ने 11 जून को कैंपस में एडेड और राजकीय कॉलेजों के प्रिंसिपल की बैठक बुलाई है। संशोधन के बारे में उन्हें अवगत कराया जाएगा।
ये भी होंगे बदलाव
मूल निवासी प्रमाण पत्र जन्म की जगह से माना जाएगा, परीक्षा चाहे जहां से भी दी हो
सेकेंड और थर्ड ईयर में दाखिला ट्रांसफर प्रक्रिया खत्म होने के एक महीने बाद तक होंगे
प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले के लिए सीटों में बोर्ड का रिजर्वेशन नहीं होगा
स्पोर्ट्स कोटे में दाखिले के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा
पीजी कोर्स में दाखिले के लिए दो साल के ब्रिज कोर्स को नहीं माना जाएगा