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ऊधम सिंह गैंग का पांच हजारी शार्प शूटर सोनू हत्थे चढ़ा

Meerut Updated Fri, 21 Mar 2014 05:31 AM IST
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मेरठ। योगेश भदौड़ा के भाई प्रमोद भदौड़ा और भतीजे समेत आधा दर्जन से अधिक हत्याओं के आरोपी को बृहस्पतिवार को पुलिस ने दबोच लिया। पकड़ा गया शार्प शूटर ऊधम सिंह गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर मेरठ और बागपत से पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। शूटर ने खुलासा किया है कि उसके गैंग के रडार पर योगेश भदौड़ा को पुलिस कस्टडी में मारने के अलावा टीकरी की चेयरमैन राजबाला समेत दो और लोग निशाने पर थे। शूटर के कब्जे से मेड इन यूएस पिस्टल और पांच कारतूस बरामद हुए हैं।
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एसपी शामली वीके मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को पुलिस ने दिल्ली रोड पर बलवा गेट के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान उन्होंने सोनू जाट (24) पुत्र सोमपाल जाट निवासी पट्टी मेनमाना टीकरी थाना दोघट, बागपत को पकड़ लिया। 2012 में योगेश भदौड़ा के भाई प्रमोद भदौड़ा की भदौड़ा गांव में तेरहवीं के दौरान गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस गैंगवार में ऊधम सिंह नामजद हुआ था। 2013 में प्रमोद के पुत्र अजय उर्फ चीनू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शार्प शूटर सोनू भी दोनों हत्याकांड में शामिल होना बताया गया था।
गैंग में आठ शूटर
इस गैंग में नितिन, कुलदीप, अनुज निवासी वाजिदपुर बड़ौत, विकास उर्फ विक्की निवासी बिनौली, मोहित पहलवान निवासी बिजरौल, राहुल निवासी टिकरी, पुष्पेंद्र निवासी खेकड़ा और मनीष निवासी बावली, बागपत हैं। इनमें से कुलदीप, राहुल और पुष्पेंद्र जेल में हैं। एक साथी अंकित उर्फ मोंटी निवासी वाजिदपुर बड़ौत की आठ फरवरी 2014 को गांव टीकरी के जंगल में उसके पास मौजूद बम के फटने से मौत हो गई थी।
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ये थे रडार पर
एसपी के अनुसार ऊधम गैंग के निशाने पर प्रमोद के बाद उसका भाई योगेश भदौड़ा को पुलिस कस्टडी में मारने की योजना थी। इसके लिए शार्प शूटर सोनू गैंग के अन्य सदस्य सही मौका ढूंढ रहे थे। इसके अलावा करनावल निवासी लीलू भी निशाने पर था। बागपत में टीकरी की चेयरमैन राजबाला और वाजिदपुर निवासी राहुल की भी हत्या की योजना बन चुकी थी।
कब-कब बहाया खून
2010 : गांधी इंटर कॉलेज खेकड़ा के प्रबंधक रामपाल सिंह की हत्या।
2012 : भदौड़ा, सरूरपुर में प्रमोद भदौड़ा की गोलियां बरसाकर हत्या।
2013 : भदौड़ा, सरूरपुर में अजय उर्फ चीनू पुत्र प्रमोद की हत्या।
2014 : वाजिदपुर बड़ौत निवासी सतपाल की हत्या।
2014 : बिनौली में पेट्रोल पंप मालिक छोटू की हत्या।
2014 : वाजिदपुर बड़ौत निवासी सतपाल की हत्या।
2014: खेकड़ा निवासी भूपेंद्र की हत्या।

अजय मर्डर में नामजदगी पर सवाल
शूटर सोनू की प्रमोद भदौड़ा के पुत्र अजय की हत्या में नामजदगी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस केस की विवेचना दो जिलों से हुई और चार से ज्यादा आरोपी नहीं बने। अब छह माह बाद पांचवें आरोपी का नाम सामने आना सोनू या पुलिस में किसी एक को संदेह के दायरे में रख रहा है। अजय की हत्या 20 सितंबर 2013 को गाजियाबाद में कर शव कंकरखेड़ा इलाके में फेंक दिया गया था। इस केस में सुशील फौजी, अंकुर, अंकित उर्फ मोंटी और मनीष का नाम सामने आया था। अजय की हत्या के राजदार मनीष को भी 21 सितंबर को भोजपुर गाजियाबाद में मार डाला गया था। थाना कंकरखेड़ा के अलावा क्राइम ब्रांच गाजियाबाद की जांच में भी सोनू का जिक्र तक नहीं आया था।
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