मेरठ। सीसीएसयू की कार्य परिषद (ईसी) की बैठक शनिवार को हुई। इसमें बैक परीक्षा खत्म करने पर मुहर लगाई गई। एकेडमिक काउंसिल और वित्त समिति में किए गए निर्णय पास किए गए। पीएचडी और प्रीपीएचडी कोर्स वर्क मंजूर किए गए। उधर बैक परीक्षा खत्म करने का विरोध भी हो रहा है। अब हंगामे के आसार बढ़ गए हैं।
27 मार्च को एकेडमिक काउंसिल ने बैक परीक्षा खत्म करने का निर्णय लिया था। फेल छात्रों की परीक्षा मुख्य परीक्षा के साथ होगी। फाइनल ईयर के छात्रों की सप्लीमेंट्री परीक्षा होगी। एबीवीपी ने निर्णय का विरोध करते हुए तीन दिन में वापस लेने को कहा था। शनिवार को कार्य परिषद ने भी निर्णय पर अपनी मुहर लगा दी। प्राइवेट डिग्री की जगह डीयू के मॉडल पर डिस्टेंस लर्निंग शुरू करने के लिए गठित कमेटी को भी मंजूर कर लिया। कमेटी स्टडी मैटीरियल से लेकर सेंटर बनाने तक रिपोर्ट देगी। इन दोनों निर्णय का विरोध हो रहा था। रजिस्ट्रार मनोज सिंह के मुताबिक वित्त समिति और एकेडमिक काउंसिल के निर्णय कार्य परिषद में पास हो गए हैं। दैनिक वेतन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते देने के लिए गणना की जानकारी मांगी जाएगी। वहीं मामले में कोई फैसला न होने पर दैनिक वेतन कर्मचारियों ने बैठक के बाद हंगामा किया।
पीएचडी पर बैठी जांच
सूत्रों के मुताबिक करीब 20 पीएचडी पर सवाल खड़े हुए। दरअसल एग्जामनर चेकिंग के दौरान थीसिस से सहमत नहीं थे और रिपोर्ट रिकमंड की भेज दी। इस पर सवाल खड़ा हो गया। जांच के लिए कमेटी गठित की है। एग्जामनर पर कार्रवाई भी हो सकती है। ऐसी पीएचडी का रिवाइज और रीसबमिट करना होगा। 199 पीएचडी, 8 एलएलडी और एक डीलिट को मंजूरी दी गई। एक डीलिट पर भी जांच बैठाई गई है। बैठक में प्रीपीएचडी कोर्स वर्क एप्रूव हुआ। दो पेपर 100-100 नंबर के होंगे। पेपर बनाने से लेकर चेक करने का काम एक्सटरनल द्वारा किया जाएगा। 50 नंबर का टर्न पेपर होगा।