मेरठ। ध्वस्तीकरण के नोटिस के बाद बंगला नंबर 210बी के कब्जेदारों ने कैंट बोर्ड अध्यक्ष और जीओसी मेजर जनरल वीके यादव की गाड़ी रोक दी। कब्जेदारों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान असामाजिक तत्वों ने पथराव और दंगे की अफवाह भी फैला दी। करीब घंटेभर चला हंगामा बोर्ड अध्यक्ष से वार्ता के बाद खत्म हुआ।
हाईकोर्ट के आदेश पर कैंट बोर्ड ने बंगला नंबर 210बी के 55 कब्जेदारों को अवैध निर्माण खुद ध्वस्त करने का नोटिस जारी किया है। इससे नाराज लोग, महिलाएं और बच्चे बुधवार को बोर्ड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बोर्ड कार्यालय के सामने की रोड पर जाम कर दी।
विशेष बैठक के लिए कैंट बोर्ड पहुंचे अध्यक्ष मेजर जनरल वीके यादव और नवागत जीओसी मेजर जनरल सुनील यादव की गाड़ी लोगों ने गेट पर ही रोक दी। कैंट कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी जब भीड़ संभालने में नाकाम हो गए तो बोर्ड अध्यक्ष ने लोगों को शांत कर समझाया। उन्होंने कहा, मानवीय आधार पर मैं नहीं चाहता कि किसी का मकान टूटे। कार्रवाई कोर्ट के आदेश और मंत्रालय के निर्देश पर हो रही है। बोर्ड आम लोगों का साथ है, बशर्ते कोर्ट उनके हक में फैसला दे।
रो पड़ीं महिलाएं, कंपाउंडिंग की गुहार:
महिलाएं बोर्ड अध्यक्ष के सामने रो पड़ीं। एक विधवा ने कहा कि पूरी पूंजी लगाकर मकान बनाया है और टूट गया तो बेघर हो जाएंगे। कब्जेदारों ने मांग की कि उनके भवनों को कंपाउंड किया जाए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि जब निर्माण हो रहा था, तब बोर्ड अफसरों ने क्यों नहीं देखा। उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
बोर्ड अध्यक्ष से मिला प्रतिनिधिमंडल:
बोर्ड अध्यक्ष कार्यालय में उनसे एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर मांग की कि जब तक मामला कोर्ट में है, कोई कार्रवाई न हो। साथ ही बीच का रास्ता निकालने की गुजारिश की। इस पर बोर्ड अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि कानून के दायरे में जो मदद संभव होगी, दी जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में वीके सक्सेना, निशांत परोती, अशोक गुप्ता, पवन गर्ग, राजीव वर्मा, विनोद जायसवाल आदि शामिल थे।
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कैंट सदस्य किसी के साथ नहीं:
कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष समेत सभी सात सदस्य इस मुद्दे पर न जनता के साथ दिखे और न ही बोर्ड अध्यक्ष के। गेट के बाद कैंट सीईओ कार्यालय के सामने 20 मिनट हंगामा चला, पर कोई भी मीटिंग हाल से बाहर नहीं निकला।
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दोषियों की जांच शुरू : वीके यादव
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि बंगला नंबर 210बी में अवैध निर्माण में शामिल तत्कालीन सीईओ, बोर्ड अध्यक्ष ही नहीं, कैंट बोर्ड अभियंताओं पर भी कार्रवाई होगी। कोर्ट के आदेश पर रक्षा संपदा महानिदेशालय ने जांच शुरू कर दी है।
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कैंट बोर्ड ने किया अधिकार का अतिक्रमण: सांसद
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने बंगला नंबर 210बी में अवैध निर्माण गिराने को लेकर जारी नोटिस पर पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर अपने अधिकार का अतिक्रमण किया है। बोर्ड को बगैर जानकारी के भूमि खरीदने वाले आम नागरिकों के मकान तोड़ने की बजाय दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करना चाहिये। उनके अनुसार, बोर्ड को कंपाउंडिंग पर विचार करना चाहिए।