मेरठ। जाट आरक्षण के सर्टिफिकेट न बनने के कारण नेट का फार्म भरने में छात्रों को परेशानी आ रही है। वह इस ऊहापोह में है कि फार्म सामान्य वर्ग में भरे या फिर ओबीसी वर्ग में। जिला प्रशासन स्तर पर कहना है कि उन्हें नोटिफिकेशन नहीं प्राप्त हुआ है। कमिश्नर ने मामले में शासन को पत्र लिखा है। यूजीसी चेयरमैन से कुछ लोग मिलकर डेट बढ़ाने की मांग करेंगे।
गौरतलब है कि इन दिनों नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) के फार्म ऑनलाइन भरे जा रहे हैं। अंतिम तिथि पांच मई है। दो मार्च को केंद्र सरकार ने जाटों को आरक्षण की केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल कर लिया था। नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। कई जिलों में आरक्षण के सर्टिफिकेट बन भी रहे हैं, लेकिन मेरठ की तहसीलों में नोटिफिकेशन प्राप्त नहीं होने का हवाला देकर सर्टिफिकेट नहीं बनाए जा रहे। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत हजारों जाट छात्र नेट का फार्म भरते हैं। यदि सर्टिफिकेट नहीं बनते हैं तो वे आरक्षण का लाभ नहीं ले पाएंगे। रालोद नेता डॉ. राजकुमार सांगवान का कहना है कि सर्टिफिकेट को लेकर शासन को पत्र लिखा जा चुका है। वह नेट आवेदन की डेट बढ़ाने के लिए जल्द यूजीसी चेयरमैन से मिलेंगे। शुक्रवार को नेट की विवि कोआर्डिनेटर से यह शिकायत दर्ज कराई जाएगी। उनके माध्यम से यूजीसी को पत्र लिखकर वर्तमान स्थिति से अवगत कराने की मांग की जाएगी।