मेरठ। शुभम की मौत के बाद जनता का आक्रोश भाजपा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी फूटा। जनता ने नेतागिरी चमकाने का आरोप लगाते हुए शुभम के घर में नहीं घुसने दिया और नारेबाजी कर सभी को दौड़ा लिया।
पोस्टमार्टम के बाद जब शुभम के शव को कागजी बाजार स्थित उसके घर ले जाया गया, तो वहां पर पहले से मौजूद भारी भीड़ ने भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल आदि का जमकर विरोध किया। घटना से उत्तेजित लोगों का आरोप था कि जनप्रतिनिधियों ने सिर्फ अखबारों में फोटो खिंचवाने के लिए राजनीति की है। व्यापारी पिटते रहे और नेता राजनीति चमकाते रहे। भीड़ में शामिल युवकों ने जमकर नारेबाजी की। इस विरोध के दौरान हालात इस कदर गरमा गया कि सांसद, विधायक, महापौर समेत तमाम लोग वहां से खिसक लिए। लेकिन बुढ़ाना गेट पर भी सबको भीड़ का आक्रोश झेलना पड़ा। लोगों ने जमकर हूटिंग के बीच नारेबाजी की और सभी को दौड़ा लिया। इस दौरान कई भाजपाइयों के साथ हाथापाई भी हुई तो कुछ के कपड़े भी फाड़ दिए। किसी तरह भाजपाइयों ने मौके से भागकर अपनी खैर मनाई।
भाजपाइयों और बजरंगदल कार्यकर्ताओं का हंगामा
शुभम की मौत की खबर जनपद में आग की तरफ फैल गई। भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधायक रविंद्र भड़ाना, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, विनीत अग्रवाल शारदा, पार्षद विजय आनंद, अजय गुप्ता, सुरेश जैन रितुराज, नरेंद्र उपाध्याय, वीनस शर्मा, विवेक वाजपेयी, अशोक चौधरी, नरेंद्र राष्ट्रवादी आदि भाजपा नेताओं के साथ ही व्यापारी नेता बिजेंद्र अग्रवाल, अरुण वशिष्ठ, दलजीत सिंह, विपुल सिंघल, संतराम सर्राफ, बजरंग दल नेता बलराज डूंगर और विहिप नेता सुदर्शन चक्र, सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल, कांग्रेस नेता पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा आदि मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां पर भाजपा कार्यकर्ताओं और बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। पुलिस प्रशासन के साथ ही एसपी सिटी के विरोध में भी नारेबाजी की। हंगामे के चलते कई बार स्थिति तनावपूर्ण बनी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया।
48 घंटे मौत से लड़ा शुभम
- 10 मई की शाम 4:15 बजे शुभम को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
- 12 मई सोमवार सुबह 8 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी, सांस लेने में परेशानी शुरू हुई।
- पंपिंग करने के बाद करीब 9 बजे उसकी हालत ठीक हुई।
- शाम 4:25 बजे फिर से सांस लेने में परेशानी हुई। टीम ने फिर कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।
- 4:57 बजे शुभम को वेंटिलेटर से हटाकर मृत घोषित कर दिया।
आईजी ने किया दौरा, डीएम ने की शांति की अपील
वहीं पुलिस व प्रशासन दिनभर स्थिति को संभालने में लगा रहा। आईजी ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और डीएम ने व्यापारियाें और स्थानीय नागरिकों के साथ थाना कोतवाली में बैठक की। बचत भवन में हुई प्रेसवार्ता में डीएम ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और बताया कि सीडीओ तीन प्रमुख बिंदुओं पर मामले की जांच करेंगे। इस दौरान एसएसपी ने जानकारी दी कि उपद्रव में कुल 20 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एक उपद्रवी शहजाद उर्फ बोदा को गिरफ्तार किया गया है।