मेरठ। शहरवासियों को रविवार को मांग कम होने के बावजूद बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ा। लखनऊ कंट्रोल से रोस्टिंग और लोकल कटौती के चलते लोग गर्मी से बेहाल रहे। रात में हो रही बिजली कटौती ज्यादा भारी पड़ रही है।
बाकी दिनों के मुकाबले रविवार को बिजली की मांग कम रहती है। सरकारी दफ्तर, स्कूल और अन्य प्रतिष्ठान बंद होने से लोगों को भरपूर बिजली मिलने की संभावना रहती है। प्रदेश में बिजली संकट के चलते छुट्टी का मजा भी किरकिरा हो रहा है। रविवार को भी लखनऊ कंट्रोल ने शहरवासियों को राहत नहीं दी। रात 2 बजे से सुबह 4 बजे तक बिजली काटी। इसके बाद दिन में दोपहर 2:30 से शाम 3:30 बजे तक कटौती की। इसके अलावा लोकल स्तर पर भी ढाई से तीन घंटे कटौती कराई गई। मोहनपुरी बिजलीघर क्षेत्र में निरंतर छह घंटे बिजली कटौती से हाहाकार मचा है। रात दस बजे गई बिजली सुबह चार बजे आई। लोग बिजलीघर पर जानकारी के लिए फोन करते रहे, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया। रातभर बिजली नहीं आने से विजयनगर, मोहनपुरी, ईके रोड, नेहरू नगर, सुभाष नगर आदि इलाके में लोग परेशान रहे। यही हाल पुराना आरटीओ, लेडीज पार्क, एमईएस, सोफीपुर, अमन विहार, अम्हैड़ा, लिसाड़ी गेट, विकासपुरी, लिसाड़ी रोड, हापुड़ रोड, मेडिकल और काजीपुर, माधवपुरम, टीपीनगर, मलियाना आदि बिजलीघरों से ढाई घंटे से तीन घंटे लोकल कटौती से रहा।
झज्जर से बिजली मिलने पर भी नहीं हुआ सुधार
केंद्र के सहयोग से झज्जर (हरियाणा) से सूबे को 300 मेगावाट से ज्यादा बिजली मिलनी शुरू हो गई है। इसके बावजूद उन शहरों को राहत नहीं दी जा रही जो भरपूर राजस्व मुहैया कराते हैं। मंडल मुख्यालय के लोग भी बिजली को तरस रहे हैं।