मेरठ। छावनी के डिजिटल लैंड सर्वे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कैंट बोर्ड आईआईटी रुड़की को एक और मौका देगा। अगले सप्ताह होने वाली कैंट बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। प्रस्ताव पास होने केचार माह के भीतर आईआईटी रुड़की को लैंड सर्वे की फाइनल रिपोर्ट देनी होगी।
बता दें कि वर्ष 2011 में मेरठ छावनी का डिजिटल लैंड सर्वे प्रोजेक्ट आईआईटी को चार महीने में पूरा करने केलिए दिया था, लेकिन ढाई साल में भी रिपोर्ट नहीं देने पर बोर्ड ने आईआईटी रुड़की को कानूनी नोटिस जारी किया था। आईआईटी रुड़की में 22 मई की बैठक में इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी में ऑफिसिएटिंग डायरेक्टर विनोद कुमार शर्मा ने बोर्ड से एक और मोहलत देने की अपील की। साथ ही आईआईटी सिविल इंजीनियरिंग हेड एसएस जैन के नेतृत्व में दो प्रोफेसर की प्रोग्रेस मॉनिटरिंग कमेटी बनाते हुए वादा किया था कि चार माह में फाइनल सर्वे रिपोर्ट दे दी जाएगी। आईआईटी रुड़की की अपील पर कैंट बोर्ड प्रशासन उसे एक और मौका देने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। जिसे आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। वहीं, कैंट बोर्ड सीईओ डॉ. डीएन यादव का कहना है कि बोर्ड में आईआईटी रुड़की को डिजिटल लैंड सर्वे पूरा करने का एक और मौका दिए जाने पर फैसला किया जाएगा।