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बाल संप्रेक्षण गृह में दूसरे दिन भी हंगामा

Meerut Updated Thu, 05 Jun 2014 05:31 AM IST
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मेरठ। सूरजकुंड स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में बुधवार को दूसरे दिन भी खूब हंगामा हुआ। भूख हड़ताल के नाम पर किशोरों ने खाना नहीं बनने दिया। दिनभर चले हंगामे और ड्रामे के चलते पुलिस अफसरों में भी हड़कंप मचा रहा। वहीं चार किशोरों की हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल में उपचार दिलाया गया। इसके बाद शाम को किशोरों ने खुद ही भूख हड़ताल खत्म कर दी। वहीं संप्रेक्षण गृह के बाहर पुलिस बढ़ा दी गई है।
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संप्रेक्षण गृह में निरुद्घ किशोर 18 साल पार कर चुके साथियों को जिला जेल भेजे जाने का विरोध कर रहे हैं। इसी सिलसिले में किशोर मंगलवार को हंगामा करते हुए भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। बुधवार को भी इन्होंने खाना नहीं बनने दिया। सूचना पर एसीएम सिविल लाइन अजय तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी यतींद्र कुमार, एसओ नौचंदी विनोद कुमार बाल संप्रेक्षण गृह पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश पर जिला जेल शिफ्ट किया जा रहा, वो कुछ नहीं कर सकते। दोपहर को चार किशोरों की भूख के चलते हालत बिगड़ गई। मेडिकल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वापस ले आया गया। इसके बाद किशोरों ने अधिकारियों के सामने ही भूख हड़ताल खत्म कर दी।
भूख हड़ताल में 50 लीटर दूध पी गए
भूख हड़ताल कर रहे किशोर 24 घंटे में घर से आए फलों के अलावा 50 लीटर दूध पी गए। पुलिस का कहना है कि किशोर और 18 साल की उम्र पार करने वाले युवक छोटे बच्चों को ड्रामा करने के लिए आगे कर देते हैं।
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वर्जन
चार बच्चों की भूख के चलते तबीयत खराब हुई थी। अस्पताल भेजकर उनका इलाज कराया गया। शाम को किशोरों ने खुद ही हड़ताल खत्म कर दी। उन्हें मजिस्ट्रेट के आदेश की कॉपी भी दिखाई गई।
- यतींद्र कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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