मेरठ। एमडीए की 102वीं बोर्ड बैठक में आखिरकार दौराला क्षेत्र को मेरठ महायोजना में शुमार करने का प्रस्ताव पारित हो ही गया। 11 साल बाद इस योजना को मंजूरी तो मिली पर वह भी आपत्तियों के साथ। एनसीआर प्लानिंग बाेर्ड की आपत्तियों के साथ ही यह प्रस्ताव शासन काे भेजा जा रहा है। वहीं बजट प्रस्ताव पास हो गए परंतु भू उपयोग बदलने संबंधी प्रस्तावों को हरी झंडी नहीं मिल सकी है।
कार्यवाहक मंडलायुक्त पंकज यादव, वीसी राजेश कुमार आदि की मौजूदगी में बुधवार को आयुक्त सभागार में हुई एमडीए बोर्ड बैठक में मेरठ विस्तारित विकास क्षेत्र दौराला महायोजना 2021 काे सशर्त स्वीकृति दे दी गई। दरअसल हरित पट्टी काे नगरीय क्षेत्र के बाहर ही लागू कर इस योजना को पास करने की बात कही जा रही थी, लेकिन एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के सदस्य मनोज कुमार ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी। कहा कि नियोजन के परिप्रेक्ष्य में हरित पट्टी काे हटाया जाना किसी भी सूरत में तर्क संगत नहीं है। वहां 85 फीसदी आपत्तियां ग्रीन वर्ज लेकर ही थीं। बाद में अन्य बोर्ड सदस्यों ने कहा कि योजना पास होनी चाहिए तो इस पर ही योजना को सदन ने पास किया। वहीं, आपत्तियों के साथ ही प्रस्ताव शासन के पास भेजे जाने का भी निर्णय किया। बजट के प्रस्ताव बैठक में पास हुए तो भू उपयोग के कई प्रस्तावों को हरी झंडी नहीं मिल पाई। भू उपयोग के कई ऐसे बड़े प्रस्ताव थे जिन पर सभ्ाी की निगाह लगी थी। ये सभी अटक गए। विभिन्न प्रस्तावों पर कहा कि दूसरे प्राधिकरणों का अध्ययन कर लिया जाए। उसके मुताबिक काम होगा। बैठक में संयुक्त सचिव बैजनाथ, आईएसके सिंह, मुख्य अभियंता इन्दु श्ोखर सिंह, वित्त नियंत्रक वसी मोहम्मद, सीटीपी शबीह हैदर, एसीटीपी विवेक भास्कर, तहसीलदार मांगेराम चौहान, बोर्ड सदस्य डा. राजेश, परविंदर सिंह ईशू आदि मौजूद थे।
एमडीए बैठकः ये प्रस्तावा पास हुए ये नहीं
कई प्रस्ताव गिरे धड़ाम
ये प्रस्ताव गिरे धड़ाम
- मैसर्स सत्यम एसोसिएट द्वारा प्रस्तुत तलपट मानचित्र में निहित पल्हैड़ा व दुल्हैड़ा चौहान की 2 लाख 29 हजार 144 वर्ग मीटर भूमि के उपयोग का प्रस्ताव पास नहीं हुआ। एनसीआर की आपत्ति पर कहा कि इसका कमेटी परीक्षण करेगी तथा अगली बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा।
- बिजली बंबा बाईपास पर जुर्रानपुर के निकट आशुताेष गुप्ता का प्रस्ताव था कि 71,240 वर्ग मीटर भूमि का उपयोग बदला जाए। यहां पार्क व खुले स्थल भी हैं। इसमें भी कमेटी गठित कर रिपोर्ट तैयार कर अगली मीटिंग में प्रस्ताव रखने को कहा है।
- फार्म हाउस, क्लब, बॉटनिकल गार्डन आदि मानचित्रों पर बाह्य शुल्क, विकास शुल्क आच्छादित क्षेत्रफल पर लिए जाने के प्रस्ताव था। इसमें कहा कि दूसरे प्राधिकरणों में जो होगा, उसी आधार पर यहां भी प्रस्ताव पारित हो जाएगा।
- योजनाओं का निस्तारण निविदा सह नीलाम पद्धति, नीलामीदाता के डिफाल्टर हो जाने पर संपत्ति निरस्तीकरण व बहाली की धनराशि वापसी संबंधी प्रस्ताव पर भी दूसरे प्राधिकरण का फार्मूला देखने को कहा गया।
- नगरीय क्षेत्रों में तीस मीटर चौड़े रास्तों, 120 गहराई मिश्रित भू उपयोग निर्धारित करने के संबंध में कमेटी बनाकर प्रस्ताव पेश करने को कहा।
- ओटीएस का लाभ देने की बाबत कहा कि वित्त नियंत्रक इस प्रस्ताव पर रिपाेर्ट पेश करें।
- निर्मित आवासीय क्षेत्र में सब जोन बनाने के प्रस्ताव पर नीति बनाकर कमेटी द्वारा पेश करने को कहा गया।
इन प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
- शताब्दीनगर आवासीय योजना में हवाई पट्टी के निस्तारण से प्रभावित चार भ्ावनों के समायोजन का प्रस्ताव
- पांडव नगर आवासीय योजना को मुख्यमार्ग से जोड़ने हेतु उपयोग में लाई जा रही भूमि के बदले भूमि दिए जाने तथा डीजीसी से परीक्षण कराने को कहा
- वेदव्यासपुरी आवासीय योजना अंतर्गत ग्राम घाट के कृषकों की सड़कों में जानी वाली अनार्जित भूमि के बदले भूमि दिए जाने का प्रस्ताव डीजीसी से परीक्षण के बाद। इसमें 255 करोड़ की आय प्राधिकरण को होगी
- दंड ब्याज सहित एकमुश्त भुगतान करने तथा रजिस्ट्री पर एफसी के अभिमत के बाद हरी झंडी
- आवास एवं विकास परिषद जागृति विहार एक्सटेंशन के तहत 45 मीटर चौड़ी सड़क के अलाइन्मेंट का प्रस्ताव पेश किया गया।
15 दिन में बनेगा मल्टी स्टोरी पार्किंग का प्लान
मेरठ। बैठक में बोर्ड सदस्य डा. राजेश कुमार एवं परविन्दर सिंह ईशू ने मल्टी पार्किंग का मामला जोरदार ढंग से उठाया। कहा कि मेरठ में ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है तथा वाहन खड़े करने की जगह नहीं है। इस पर सदन में निर्णय लिया कि 15 दिन में टीम मौके का मुआयना करेगी और इस पर प्लान पेश करेगी।
हमारी सरकार है तो बैठ गए मीटिंग में
बैठक में दो ऐसे लोग भी बैठ गए जो न बोर्ड के सदस्य थे और न ही अधिकारी। इस बाबत कार्यवाहक कमिश्नर पंकज यादव को बताया कि ये ठेकेदार हैं। डीएम द्वारा डांटने पर वे बाेले कि हमारी सरकार है। इसलिए मीटिंग में बैठ गए थे।
एफआरए बढ़ाया
मेरठ। एनसीआर में होने के कारण मेरठ में भी जनसंख्या का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में यहां का एफएआर (फॉर एरिया रेशियो) बढ़ाने का प्रस्ताव भी पास हुआ। इसे 1.50 से बढ़ाकर 2.50 अनुमन्य करने पर सहमति बनी। गाजियाबाद व नोएडा में भी यही एफएआर है।
425 करोड़ कमाई का लक्ष्य
बैठक में वर्ष 2014-2015 में 425 करोड़ 48 लाख रुपये की आय के लक्ष्य पर मुहर लग गई। वीसी राजेश कुमार ने बताया कि तीन माह में 31 करोड़ 96 लाख रुपये की आय हुई है। हालांकि इस साल राजस्व तथा कुल पूूंजीगत व्यय 121 करोड़ रुपये रखा है। स्टांप ड्यूटी से 36 करोड़, ब्याज से 11, मानचित्र शुल्क से तीन, शमन शुल्क से 15, एफएआर शुल्क से आठ, बाह्य विकास शुल्क से 35, पानी सीवर से 11, किराया दंड कटौती आदि से 20 करोड़ की प्राप्तियों का लक्ष्य रखा गया।
ये है महायोजना में शामिल गांव
सिवाया, पबरसा, धंजू, दुल्हैड़ा, भराला, इकलौता, पनवाडी़, समौली, दौराला, मटौर, मेहमनपुर, तमौली, बसावत, खड़ौदा, मैैथना, उल्देपुर, अम्हैड़ा आदि।