मेरठ। वहां आसमान से लगातार आफत बरस रही है। इससे सड़क और रेलमार्ग ठप पड़ गए हैं। फोन पर भी किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। वो किस हाल में होंगे, कुछ पता नहीं चल रहा। यह पीड़ा उनकी है, जिनके अपने वैष्णो देवी के दर्शन या जम्मू-कश्मीर घूमने के लिए गए हैं। मेरठ के करीब 150 लोग वहां फंसे हैं। इनकी कोई हाल-खबर न मिलने से परिजन चिंतित हैं। ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि आफत की बारिश जल्द थमे और उनके अपने सकुशल घर लौट आएं।
जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश से नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन की वजह से रास्ते बंद हैं। इन हालात में मेरठ से वहां गए परिवार कटरा, जम्मू, श्रीनगर आदि स्थानों पर फंसे हैं। बुढ़ाना गेट स्थित कावेरी ट्रांसपोर्ट से तीन बसें जम्मू और कटरा के लिए निकली थीं। कपसाड़ निवासी विरेंद्र, खरदौनी निवासी इसरार अहमद और पांडव नगर निवासी राजू बस लेकर एक सितंबर को कटरा पहुंचे थे। ट्रांसपोर्ट संचालक मयंक गुप्ता के मुताबिक, इन बसों में जिले के करीब 150 लोग सवार हैं, जो मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गए हैं। भारी बारिश के कारण चिनाब नदी का जल स्तर बहुत अधिक बढ़ गया है। इससे जम्मू में तीन से पांच फीट तक पानी भर गया है। रेल मार्ग भी बंद है। ऐसे में वैष्णो देवी की यात्रा दो दिन से रोक दी गई है और सभी दर्शनार्थी कटरा में ही रुके हैं। मयंक के मुताबिक, इंचौली के राजपाल यादव, सियाना से महेंद्र उपाध्याय आदि के जत्थे शामिल हैं। शहर सहित मवाना और किले के यात्री भी जत्थों में शामिल हैं।
सात दोस्त लौटे, दंपति फंसे:
कंकरखेड़ा निवासी ट्रैवल एजेंट अरविंद के मुताबिक, उनके सात दोस्त हिमांशु खन्ना, आकाश शर्मा, मयंक, हरशल जोशी, वरुण गर्ग, विपिन कुमार और संचित गुप्ता तीन सितंबर को श्रीनगर पहुंचे थे। लगातार बारिश के कारण उन्हें वहां एक होटल में ठहरना पड़ा। हालांकि, ये सभी फ्लाइट से सकुशल घर पहुंच गए हैं। अरविंद के मुताबिक, दंपति रितु और गौरव गौतम अब भी श्रीनगर में फंसे हैं। जम्मू और श्रीनगर में फोन और मोबाइल नेटवर्क भी पूरी तरह ठप हो गया है। वहीं, भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे सहित सभी मार्ग बंद हैं।