मेरठ। आरोपी सावन ने पुलिस के सामने छात्रा की हत्या करना कबूल किया। पुलिस ने दिवोल्का के मोबाइल पर कॉल की। फोन बजता रहा, लेकिन पुलिस की नींद नहीं टूटी। कई घंटे मोबाइल बजने के बाद बंद हो गया। जन आक्रोश बढ़ने और फोन बंद होने पर पुलिस जागी। मोबाइल की अंतिम लोकेशन सरधना के मिलक गांव के जंगल में मिली। पुलिस ने सावन जैन से छात्रा के मोबाइल की जानकारी ली। उसने बताया हत्या के बाद उसने छात्रा से फोन छीनकर वहीं फेंका था। सवाल उठ रहे हैं कि अब तो पुलिस उसकी बातों पर विश्वास कर बार-बार सरधना पहुंच रही है, लेकिन शुरुआत में उसे विश्वास क्यों नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि शुरुआत में पुलिस मामले को गंभीरता से लेती तो खुलासा हो जाता।
सावन की थ्योरी पर पुलिस तंत्र ‘फेल’:
18 साल के सावन की बताई थ्योरी पर पुलिस तंत्र ‘फेल’ साबित हुआ है। सावन के अलावा पुलिस दूसरी किसी भी तरह से जांच नहीं कर पाई। सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीम लगी है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। एसएसपी और पुलिस की तमाम टीमें छात्रा को बरामद करने में जुटी हैं। पुलिस बार-बार सावन से पूछती और फिर उसकी बताई कहानी पर लकीर पीटती रही।
दूसरे समुदाय के युवकों से कनेक्शन:
आरोपी चिल्ला-चिल्लाकर बोला कि दिवोल्का की दूसरे समुदाय के युवकों से दोस्ती थी। पुलिस ने उन युवकों से पूछताछ की, बावजूद इसके कोई सुराग नहीं लगा पाई। लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि जानबूझकर दूसरे समुदाय के युवकों को बचाने का प्रयास हो रहा है। लोगों ने सपा नेताओं पर भी आरोपी युवकों को बचाने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने बताया कि दूसरे समुदाय के युवकों से छात्रा की दोस्ती थी, अपहरण में उनका नाम सामने नहीं आया है।
दूसरी जगह तो नहीं हुई हत्या:
सावन ने बताया कि शव घसीटकर झाड़ी में छिपाया था। पुलिस ने बताया कि हत्या दूसरी जगह भी हो सकती है। हत्या में सावन के साथ कुछ और युवक भी शामिल हो सकते हैं। सुराग न लगने से अलग-अलग चर्चा हो रही है। चर्चा यह भी है कि सावन की हिरासत से पहले सरधना पुलिस ने छात्रा की लाश को दूसरी जगह न फेंका हो।
ड्रामा करने में माहिर सावन:
दो सप्ताह पहले सदर बाजार में सावन के अपहरण की चर्चा फैली थी। पुलिस ने आधी रात तक तलाश किया, बाद में जानकारी मिली कि वह अपने चाचा के यहां गाजियाबाद पहुंच गया है। इस वारदात में भी सावन ने अपहरण का ड्रामा किया था। उसकी हरकतों से परेशान होकर परिजनों ने सावन से मोबाइल छीना था। सोमवार को सावन ने अपने परिजनों के मोबाइल से फोन कर छात्रा को बेगमपुल पर बुलाया था। वहीं से दोनों स्कूटी से गए थे।