कैबिनेट मंत्री आजम खां का फर्जी प्रतिनिधि बताकर प्रशासनिक अफसरों से अवैध वसूली करते एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से आरोपी कई दिन से फोन कर रुपयों की मांग कर रहा था। मामला गंभीर होने के चलते पुलिस जांच में जुट गई है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एसएन पांडेय कचहरी परिसर स्थित ऑफिस में बैठे थे। दोपहर करीब दो बजे उनके ऑफिस में मिठाई का डिब्बा लेकर एक व्यक्ति पहुंचा। कुछ देर बातचीत के बाद एसएन पांडे ने कर्मचारियों की मदद से व्यक्ति को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने आकर आरोपी को पकड़ लिया।
एसएन पांडेय ने बताया कि फसाहत अली खां उर्फ शानू के नाम से अकसर उनके पास फोन आता था। वह खुद को रामपुर का निवासी और कैबिनेट मंत्री आजम खां का प्रतिनिधि बताता था। कुछ समय से वह गरीबोें के बच्चों की मदद करने की बात कहकर रुपयों की मांग कर रहा था। वहीं पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कहा कि उसका नाम तो हाजी अब्दुल रशीद है। फसाहत उसका दोस्त है। फसाहत भी कचहरी में ही मौजूद था। कार्यालय में पुलिस को आता देखकर वह फरार हो गया।
कई अफसरों को लगा चुका चूना
अब्दुल रशीद का कहना है कि फसाहत अली कई पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को चूना लगा चुका है। जिस विभाग का अधिकारी होता है, उससे संबंधित मंत्री का प्रतिनिधि बनकर फोन करता है। उसके बाद किसी दूसरे को पैसा लेने भेज देता है। फंसने की स्थिति में खुद फरार हो जाता है।
झूठ बोल रहा अब्दुल रशीद
वहीं सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि अब्दुल रशीद झूठ बोल रहा है। वही फसाहत के नाम से जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को फोन करता था। जिस नंबर से रुपयों की मांग की जा रही थी, उसकी आईडी भी अब्दुल रशीद के नाम पर ही है। फिर भी फसाहत की तलाश और जांच के लिए एक टीम रामपुर भेजी जाएगी।
अधिकारी ने साक्ष्य पुलिस को सौंपे
एसएन पांडेय ने आरोपी के खिलाफ पहले से साक्ष्य जुटा लिए थे। कॉल और मेसेज की फोटो कापी पुलिस को सौंप दी। उन्होंने बताया कि त्यौहारों पर फसाहत मेसेज भेजना नहीं भूलता था। इस संबंध में उन्होंने आजम खां के करीबी से भी बात की थी।