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अंकल कहकर एक ने नाम पूछा, दूसरे ने सीने में उतार दी गोली

अमर उजाला ब्यूरों Updated Fri, 05 Aug 2016 02:12 AM IST
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जागृति विहार में दरोगा हत्या में विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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 दयाराम सिंह और प्रेम सिंह में गहरी दोस्ती थी। दयाराम पुलिस से इंस्पेक्टर तो प्रेम सिंह बैंक से रिटायर थे। दोनों मॉर्निंग वॉक पर साथ जाते थे। बृहस्पतिवार सुबह भी दोनों साथ-साथ चल रहे थे। तभी एक युवक ने आवाज दी कि सुनो अंकल। दयाराम रुके तो दो बदमाश उनके पास आए। एक बदमाश ने नाम पूछा और दूसरे ने सीने में गोली उतार दी। गोली लगते ही दयाराम गिर पड़े। प्रेम चिल्लाते हुए दौड़े तो बदमाश वहां पहुंची सफेद रंग की कार से फरार हो गए। मुख्य चश्मदीद प्रेम सिंह को ही मेडिकल पुलिस ने घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन समझा।
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मुझे उलटा करो, खून बाहर निकलेगा
प्रेमसिंह ने दयाराम से पूछा कि क्या हुआ। दयाराम बोले कि बदमाश ने तमंचे से गोली मार दी। मुझे उलटा कर दो, खून बाहर निकल जाएगा। प्रेमसिंह ने पूछा कि गोली मारने वाले कौन थे। लेकिन वह उनको नहीं पहचानते थे। दयाराम को विश्वास था कि अगर खून बाहर निकल गया तो उसकी जान बच सकती है। प्रेमसिंह ने उनको उलटा भी किया। लेकिन गोली तो आरपार हो चुकी थी। सीने और पीठ से खून बह रहा था। दोनों के पास फोन नहीं थे। प्रेमसिंह ने एक युवक को आवाज दी और कंट्रोल रूम को सूचना दी। लोगों की मदद से अपने दोस्त को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।

देसी तमंचा, 315 बोर
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दयाराम को देसी तमंचे से 315 बोर की गोली मारी गई। रिपोर्ट में बताया गया कि गोली लीवर को चीरती हुई निकल गई। लीवर पूरी तरह से डैमेज हो चुका था। गोली अगर थोड़ा नीचे लगती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। लीवर के काम करना बंद करने और खून अधिक बहना मौत का कारण बना। करीब एक फिट की दूरी से गोली मारना बताया गया।
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बदमाश ट्रेंड या अनट्रेंड
बदमाशों ने सटीक रैकी के बाद वारदात को अंजाम दिया। उन्हें जानकारी थी कि दयाराम डेली मॉर्निंग वॉक पर आते हैं। यह जानकारी भी कुछ ही लोगों को थी। बदमाश दयाराम को पहले से नहीं जानते थे, क्योंकि उन्होंने बुलाकर नाम पूछने के बाद गोली मारी। बदमाशों ने सिर्फ एक ही गोली मारी। जिससे पुलिस बदमाश के अनट्रेंड होने का दावा कर रही है। पुलिस का मानना है कि अगर बदमाश ट्रेंड होते तो वह पहला वार दयाराम के सिर पर करते, जोकि उन्होंने नहीं किया। लेकिन इस वारदात से देखा जाए तो लग रहा है कि किसी शार्प शूटर ने प्रोफेशनल तरीके से वारदात को अंजाम दिया। कनपटी के बजाय उसने शरीर के उस खास हिस्से को निशाना बनाया, जहां गोली मारने के बाद बचने की गुंजाइश काफी कम होती है। यह सुपारी देकर हत्या भी लग रही है।

कहीं बेटे वाला मामला तो नहीं?
सीओ सिविल लाइन विनोद कुमार सिरोही ने बताया कि दयाराम के बेटे सुभाष कुमार ने दूसरे बिरादरी की लड़की से शादी की है। जिसको लेकर दोनों बिरादरी के लोगों में विवाद भी चला। इस बिंदु पर भी पुलिस पीड़ित परिवार के लोगों से पूछताछ करेगी।

कोई पुरानी दुश्मनी तो नहीं?
रिटायर इंस्पेक्टर दयाराम तीन महीने पहले कासगंज से रिटायर हुए थे। पुलिस का कहना है दयाराम का पुराना रिकॉर्ड भी देखा जाएगा। कहीं बदमाशों ने ही हत्या तो नहीं कर दी। पुलिस की एक टीम कासगंज जाकर जानकारी जुटाएगी। दयाराम किसी अपराधी की विवेचना तो नहीं कर रहे थे, जिसको लेकर कुछ बात हुई हो।
 
मेडिकल अस्पताल के डॉक्टर पहुंचे
दयाराम के बेटे डॉ. उमेश मेडिकल कॉलेज में ही तैनात हैं। डॉ. उमेश के पिता की गोली मारकर हत्या की सूचना लगते ही मेडिकल के डॉक्टर भी आनंद हॉस्पिटल पहुंच गए। मेडिकल थाना पुलिस भी पहुंची तो शुरूआत में परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया। लेकिन बाद में पुलिस ने उनको समझा बुझाकर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा।
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