10 के जिस सिक्के पर 10 तीली बनी हों वही सिक्का असली है, इसी भ्रम में लोग 15 तीली बने सिक्के को लेने से इंकार कर रहे हैं। इसे लेकर आए दिन बाजारों में विवाद हो रहा है। लेकिन लोगों के इस भ्रम को दूर करते हुए रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि 15 तीली वाला सिक्का भी असली है। इसके लेन देन से इंकार नहीं किया जा सकता।
दरअसल 15 तीली वाला 10 का सिक्का पहली ढलाई का है। बाद की ढलाई वाले सिक्कों की तुलना में उसकी बनावट में थोड़ी भिन्नता है। इसके अलावा 10 के सिक्के की पहली ढलाई के बाद ही सिक्के में चिंह् (रुपे) का चिंह् जारी हुआ है। बाद के सिक्कों की ढलाई में इस चिंह् का इस्तेमाल किया गया। सुंदरता और सफाई के मामले में भी पहली ढलाई का सिक्का बाद के सिक्कों से कमतर है। इसी भ्रम में लोेग 15 तीली वाले सिक्के को नकली मान बैठे हैं। बाजार में ही दूसरा व्यक्ति इस सिक्के की तीलियां गिनकर उसके असली नकली की परख कर रहा है।
शिकायत मिली तो हो सकती है कार्रवाई
रिजर्व बैंक के ईश्यू डिपार्टमेंट ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की है। बैंक का कहना था कि 15 तीली वाला सिक्का असली है। यह रिजर्व बैंक की टकसाल का बना है। इसे लेने से इंकार नहीं किया जा सकता। शिकायत मिलने पर मुद्रा के अपमान के मामले में कार्रवाई हो सकती है।