कुंदरकी क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी खूंखार कुत्तों का आतंक रहा। प्रशासन का ऑपरेशन डॉग शुरू होनेे सेेे पहले ही सीलपुर गांव और उसके आस पास जमकर आतंक फैलाया। दिन भर में कुत्तों ने दिन 12 बच्चाें पर हमला किया।
जिसमें तीन बच्चाें नेे भागकर खुद को बचाया, लेकिन खूनी कुत्तों ने कक्षा दो के छात्र को नाेंचकर उसके शरीर पर गहरे जख्म कर दिए। इस घटना से इलाके में दहशत बढ़ गई, वहीं प्रशासन के खिलाफ लोगों में रोष नजर आया।
एक दिन पहले ही डीएम ने शूट आउट के आदेश दिए थे। लेकिन टीम पहुंचने से पहले ही कुत्तों ने एक बच्चे पर हमला कर दिया। सीलपुर निवासी मोहम्मद हुसैन का आठ वर्षीय बेटा मोहम्मद शमी अपने बड़े भाई अनस, तहेरे भाई फैजान और शहदान के साथ गांव के पास खेत में ट्यूबवेल पर अपने ताऊ कयामुद्दीन को चाय देने के लिए गए थे।
वहां से लौटते समय खूंखार कुत्तों के झुंड ने हमला बोल दिया था। आवाज सुनकर कयामुद्दीन ने बच्चों को कुत्तों से बचाया। गंभीर हालत में शमी को अस्पताल ले जाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जबकि तीनों अन्य बच्चों के भी हल्के जख्म हैं।
अन्य तीन इसके अलावा पीएचसी में उपचार के लिए लाए गई कुंदरकी नगर की शबीना (09) पुत्री मोहम्मद रफी, शकीना (06) वर्ष पुत्री नाजिम, ग्राम सुनारी निवासी जतिन (06) वर्ष पुत्र सुधीर और इसी गांव की पिंकी (06) वर्ष पुत्री इंदल सिंह, ग्राम इमरतपुर ऊधौ निवासी विरेंद्र (02) वर्ष पुत्र खुशीराम, ग्राम डोमघर निवासी परवेज (11) वर्ष पुत्र सरवर अली, ग्राम सुल्तानपुर निवासी एवल सिंह (08) वर्ष पुत्र हरस्वरूप और निशां (14) वर्ष पुत्री कुंवर पाल कुत्तों के काटने से जख्मी हो गए, जिनका उपचार पीएचसी में किया गया है।