एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

संभल में दोमंजिला मस्जिद की ध्वस्त: कसेरुआ गांव में बुलडोजर कार्रवाई, एक दिन पहले तोड़ी थी मजार

संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: Vimal Sharma Updated Sat, 06 Jun 2026 04:05 PM IST

सार

संभल के कसेरुआ गांव में अवैध तरीके से बनाई गई दो मंजिला मस्जिद को तोड़ दिया गया है।  अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दाैरान भारी पुलिस बल की मौजूद रहा। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
विज्ञापन
संभल में अवैध अतिक्रमण हटाती जेसीबी - फोटो : संवाद
विज्ञापन

Next Article

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संभल जिले के कसेरुआ गांव में शनिवार को प्रशासन ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई दो मंजिला मस्जिद को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन


डीएम और एसपी की मौजूदगी में चार बुलडोजरों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्रशासन के अनुसार राजस्व विभाग की पैमाइश में मस्जिद का निर्माण सरकारी जमीन पर पाया गया था। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया।

किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया था। मस्जिद के मुतवल्ली का कहना है कि धार्मिक स्थल का मूल निर्माण सैकड़ों वर्ष पुराना है। करीब 20 वर्ष पहले इसका जीर्णोद्धार कराया गया था।
विज्ञापन


उनके अनुसार मरम्मत और विस्तार कार्य पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए गए थे। जिले में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि शासन के निर्देश पर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। राजस्व विभाग की जांच और पैमाइश के आधार पर संबंधित भूमि सरकारी पाई गई थी। नियमानुसार नोटिस जारी करने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।

मजार ध्वस्त कर खाली कराई सरकारी जमीन
इससे पहले बबराला थाना क्षेत्र के गांव बाघऊ में शुक्रवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर एक मजार को ध्वस्त करा दिया। अफसरों के मुताबिक यह मजार सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई थी। इस मामले की सुनवाई के बाद डीएम कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।

कार्रवाई के दौरान डीएम और एसपी भी मौके पर मौजूद रहे। राजस्व टीम और चार थानों की पुलिस की मौजूदगी में शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे से एक घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान करीब 100 वर्ग गज जमीन मजार के ध्वस्तीकरण के बाद खाली कराई गई।

अधिकारियों ने बताया कि गांव बाघऊ में गाटा संख्या 592 की भूमि राजस्व अभिलेखों में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है। इस पर कब्जा कर लगभग एक दशक पूर्व मजार बना ली गई थी। मजार की देखरेख इसी गांव के निवासी मुजावर अब्दुल अजीज द्वारा की जा रही थी।

लेखपाल की शिकायत पर करीब छह माह पूर्व मामला तहसील न्यायालय में और फिर जिलाधिकारी कोर्ट में पहुंचा। संबंधित पक्षों की सुनवाई में इस स्थान के सरकारी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डीएम न्यायालय ने इस अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था।

मौके पर मौजूद डीएम ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में तालाबों, चकमार्ग व अन्य सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

देखरेखकर्ता मौके से गायब
ग्रामीणों ने बताया कि मजार पर बुलडोजर कार्रवाई की जानकारी मिलने पर इसकी देखरेख करने वाले मुजावर अब्दुल अजीज इस स्थान को छोड़ कर चले गए। बाद में उन्होंने लोगों को बयान दिया कि यहां वर्षों से श्रद्धालु मन्नत मांगने आते रहे हैं। लोगों की आस्था से जुड़ा स्थान है। हालांकि उन्होंने अधिकारियों से इस तरह की कोई बात नहीं की।

महंत बोले, कुछ ईंटे रखकर हुई थी शुरुआत
मजार के करीब स्थित खेरेश्वर शिव मंदिर के महंत रामगिरी महाराज लंबे समय से इस निर्माण का विरोध कर रहे थे। महंत का कहना है कि प्रारंभ में यहां कुछ ईंटें रखी गई थीं लेकिन धीरे-धीरे स्थायी निर्माण कर लिया।

उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को न्यायालय के आदेश का पालन बताया। इस स्थान के पास खेरेश्वर शिव मंदिर के अलावा गोशाला, पंचायत सचिवालय आदि भी हैं। जहां आने-जाने वाले भी इस पर आपत्ति करते थे।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें