तेरह साल पहले हुए चर्चित अपोलो सर्कस कांड में बुलंदशहर के बसपा विधायक मोहम्मद अलीम ने सोमवार को चुपके से यहां आकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मंगलवार को जिला जज की कोर्ट से बसपा विधायक को जमानत मिल गई। एक रात जेल में बिताने के बाद बसपा विधायक मंगलवार देर शाम जेल से रिहा होकर बुलंदशहर लौट गए।
बुलंदशहर के बसपा विधायक मोहम्मद अलीम और उनके भाई यूनुस अपोलो सर्कस के मालिक हुआ करते थे। वर्ष 2003 में अपोलो सर्कस मुजफ्फरनगर नुमाइश मैदान में लगा था। उसी दौरान नेपाली प्रवासी मंच ने यहां आकर पुलिस प्रशासन को शिकायती पत्र देकर सर्कस मालिकों पर नेपाली कलाकारों को बंधक बनाने, उनका उत्पीड़न करने तथा विरोध करने पर मारपीट करने और खाना न देने का आरोप लगाया था।
पुलिस प्रशासन ने तब त्वरित कार्रवाई करते हुए सर्कस से युवतियों समेत 28 नेपाली कलाकारों को मुक्त कराया था। मंच से जुड़े प्रवासी नेपाली मोहन शरण पंखी ने सिविल लाइन थाने पर पांच जून 2003 को सर्कस मालिक मोहम्मद अलीम और उनके भाई यूनुस के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। मुक्त कराए गए कलाकारों में से दो युवतियों ने सर्कस मालिक दोनों भाइयों पर रेप का भी आरोप लगाया था।
सिविल लाइन पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। कुछ समय बाद बसपा की सरकार आने पर यह मुकदमा सीबीसीआईडी के सुपुर्द कर दिया गया था। जांच एजेंसी सीबीसीआईडी ने दोनों भाइयों को क्लीनचिट देते हुए एफआर लगा दी थी। वर्ष 2006 में कोर्ट ने सीबीसीआईडी की एफआर रद्द कर दोनों भाइयों को तलब कर लिया था। तभी से यह मुकदमा एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट में चल रहा है।
कोर्ट के तलब करने पर भी दोनों भाई पेश नहीं हुए, जिस पर कोर्ट की ओर से 20 से अधिक बार गैर जमानती वारंट जारी किए जा चुके थे। हाईप्रोफाइल सर्कस कांड के आरोपी बुलंदशहर के बसपा विधायक मोहम्मद अलीम ने सोमवार को चुपके से यहां पहुंचकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उनके अधिवक्ता वकार अहमद की ओर से निचली अदालत में अंतरिम जमानत की अर्जी दी गई, जो खारिज हो गई। जिला जज कोर्ट ने भी अंतरिम जमानत की अपील खारिज कर मंगलवार की तारीख लगा दी।
अंतरिम जमानत अर्जी खारिज होने पर कोर्ट ने बसपा विधायक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मंगलवार को जिला जज कोर्ट में जमानत पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद जिला जज कोर्ट ने 50-50 हजार के दो जमानती दाखिल करने के बाद रिहाई के आदेश जारी कर दिए। बसपा विधायक के अधिवक्ता वकार अहमद की ओर से तुरंत ही दो जमानती दे दिए गए, जिस पर एक रात जेल में बिताने के बाद देर शाम बसपा विधायक मोहम्मद अलीम जेल से रिहा होकर अपने घर बुलंदशहर लौट गए।