चीनी मिलों में गन्ने का पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। अब चीनी मिलों में किसानों का पूर्ण भुगतान पहले कर सरकार को दिखाने की होड़ है। इस मामले में सबसे पहले तितावी ने बाजी मारी है। टिकौला भी अगले दो दिन में पूर्ण भुगतान कर देगी। अन्य सभी मिलों की दस मई तक संपूर्ण पैसा किसानों को देने की तैयारी है। भैसाना चीनी मिल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने उसकी समस्त चीनी अपनी देखेरेख में ले ली है।
जिले की तितावी चीनी मिल ने 2016-17 का संपूर्ण भुगतान कर समस्त चीनी मिलों के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। चीनी मिल में पेराई बंद होने के एक सप्ताह में ही भुगतान कर देने वाली तितावी जिले की पहली चीनी मिल बन गई है। तितावी के बाद टिकौला चीनी मिल ने भी पूरा भुगतान करने की तैयारी कर ली है। डीसीओ ओमप्रकाश यादव का कहना है कि मिल का प्रबंधतंत्र 29 अप्रैल तक पूरा भुगतान करने की बात कर रहा है।
इसी के साथ सहकारी चीनी मिल मोरना, मंसूरपुर और खतौली भी पूरा भुगतान करने की तैयारी में लगी है। इन मिलों ने 10 मई से पहले पूरा भुगतान करने की बात कही है। खाईखेड़ी चीनी मिल पर भी दस मई तक भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। भैसाना चीनी मिल को लेकर ही समस्या है। इस समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने चीनी मिल की समस्त चीनी अपनी देखरेख में ले ली है। जो भी भुगतान चीनी से आ रहा है वह समस्त किसानों के खातोें में जा रहा है। भैसाना पर भी हर तरह से दबाव बनाया जा रहा है। दस मई तक समस्त चीनी मिल भुगतान करती है तो बीते कई दशकों का रिकार्ड टूट जाएगा।