जिले में 134 स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। प्रशासन ने अब इन अमान्य स्कूलों को बंद कराने को अभियान चलाया है। डीएम की ओर से एसडीएम, सीओ और बीईओ की तहसीलवार टीम गठित की है, जो इन स्कूलों को बंद कराएंगी। बीएसए की ओर से बिना मान्यता के चल रहे सभी 134 स्कूलों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के बाद भी स्कूल बंद नहीं हुए तो संचालकों पर एक लाख का जुर्माना किया जाएगा।
जिले में सबसे अधिक 30 स्कूल बिना मान्यता के जानसठ ब्लाक में संचालित हैं। बघरा में 18, खतौली में 12, मोरना में 11, शाहपुर में पांच, बुढ़ाना में 19, सदर ब्लाक में 10, चरथावल में 17, मुजफ्फरनगर शहर में छह, नगर खतौली में एक विद्यालय बिना मान्यता के संचालित मिला है। बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि सभी 134 स्कूलों के संचालकों को नोटिस देकर विद्यालय बंद करने की चेतावनी दी है।
उन्हें दो बार नोटिस दिया जाएगा, यदि तब भी स्कूल बंद नहीं किए गए तो संचालकों पर एक लाख रुपये का जुर्माना किया जाएगा।
डीएम के आदेशानुसार अभी तक टीम ने 29 विद्यालयों को बंद करा दिया है। जिनमें खतौली में दो, मोरना में दो, पुरकाजी में पांच, जानसठ में चार, शाहपुर में दो, बुढ़ाना में तीन, सदर में दो, बघरा में चार, चरथावल में तीन, शहर में दो स्कूलों को बंद कराया गया है। बाकी को बंद कराने की कार्रवाई की जा रही है।
सभी संबद्ध शिक्षक हटाए गए
डीएम जीएस प्रियदर्शी के आदेश पर बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने परिषदीय विद्यालयों में संबद्ध किए गए सभी शिक्षकों और शिक्षिकाओं को हटा दिया है। उनके पूर्व के संबद्ध संबंधित आदेश को निरस्त कर सभी को निर्धारित नियुक्ति के विद्यालयों में भेज दिया गया है। उल्लेखनीय है कि डीएम के संज्ञान में आया था कि प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में शिक्षक और शिक्षिकाएं अस्थायी संबद्ध होकर मूल विद्यालय के बजाए दूसरे विद्यालयों और कार्यालय में सेवारत हैं। जिसे डीएम ने गंभीरता लेते हुए संबद्ध शिक्षकों को मूल विद्यालय में शिक्षण कार्य करने के आदेश दिए हैं। बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि सभी संबद्ध शिक्षकों और शिक्षिकाओं को उनके मूल विद्यालय भेज दिया गया है।