नोएडा। नोएडा में फीडर बसों के संचालन को लेकर पिछले दिनों चली लंबी जद्दोजहद का कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। नोएडा प्राधिकरण और दिल्ली मेट्रो रेल निगम के बीच सहमति न बन पाने के कारण फीडर बसें चलाने की योजना कागजों में ही सिमटकर रह गई है।
नोएडा प्राधिकरण ने विभिन्न सेक्टरों को मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए फीडर बसों के संचालन का प्रस्ताव जून में तैयार किया था। करीब दस रूट भी इसके लिए लगभग तय किए गए थे। प्राधिकरण बस संचालन में डीएमआरसी की मदद चाहता था, लेकिन एनसीआर में कहीं भी दिल्ली मेट्रो की फीडर बस सेवा उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए डीएमआरसी ने पहले ही बसों के संचालन को लेकर हाथ पीछे खींच लिए थे। हालांकि इसके बाद भी प्राधिकरण की तरफ से फीडर बसों को लेकर डीएमआरसी के साथ वार्ता जारी रही, जिसके बाद डीएमआरसी ने बस संचालन को लेकर सकारात्मक संकेत भी दिए थे। लेकिन पिछले करीब डेढ़ महीने से फीडर बसों के संचालन की योजना ठंडे बस्ते में है।
डीएमआरसी प्रवक्ता के मुताबिक नियमानुसार एनसीआर में डीएमआरसी छोटी फीडर बसों का संचालन नहीं कर सकता। नियम न होने की वजह से फरीदाबाद और गुड़गांव में हरियाणा रोडवेज अपने स्तर पर फीडर बसों का संचालन कर रहा है। डीएमआरसी के सहयोग से बसें चलाने के लिए प्राधिकरण को सबसे पहले दिल्ली व उत्तर प्रदेश के राज्य परिवहन विभागों से अनुमति लेने के अलावा कई बड़ी अड़चनों को दूर करना होगा। इसके बाद ही डीएमआरसी अपनी तरफ से कोई कदम उठा सकता है। अभी तक प्राधिकरण की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।