नोएडा। बोर्ड परीक्षाओं व उससे पूर्व आने वाली परीक्षाओं का करीब आता समय छात्रों की सेहत पर दिखने लगा है। परीक्षार्थी एक्जाम फोबिया के चलते बीमार हो रहे हैं और काउंसलिंग के लिए अभिभावकों के साथ मनोचिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक तनाव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के लिये खतरनाक है। यही वजह है कि ऐसी स्थिति में बुखार समेत अन्य बीमारियां भी शरीर को अपनी चपेट में ले लेती हैं।
मैक्स अस्पताल के वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ समीर मल्होत्रा बताते हैं कि इन दिनों रोजाना दो से तीन बच्चे परीक्षा के डर और तनाव की शिकायत को लेकर काउसंलिंग के लिए आ रहे हैं। डॉ मल्होत्रा बताते हैं कि अधिकतर बच्चों के तनाव की वजह परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन की शंकाओं और अभिभावकों की उम्मीदे पूरी करने को लेकर है। ऐसे बच्चों में आत्मविश्वास की कमी बहुत ज्यादा पाई जाती है। ऐेसे बच्चों में बुखार, सिर दर्द और पेट संबंधी तकलीफ ज्यादा मिल रही है। अधिकतर बच्चे 12वीं के हैं। डॉ मल्होत्रा बताते हैं कि बच्चों को यह बात समझाई जा रही है कि अभी भी परीक्षा में तीन माह का समय शेष है इसलिए चिंता छोड़े और पढ़ाई में जुट जाएं।
कैलाश अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ अजय डोगरा बताते हैं कि बोर्ड ही नहीं अन्य कक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों में भी परीक्षा को लेकर तनाव का प्रतिशत बहुत ज्यादा होता है। परीक्षार्थियों में ‘एक्जाम फोबिया’ से बचने को लेकर जगरुकता आई जरूर है लेकिन ऐसे बच्चों की संख्या बहुत कम है। तनाव का असर बच्चों के शरीर पर पड़ता है और वे बीमार तक पड़ जाते हैं। अभिभावकों और शिक्षकों को भी पढ़ाई में बच्चों का सहयोग करना चाहिए।
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बच्चे रखे ध्यान
-लगातार न पढ़े बल्कि पढ़ाई के बीच में थोड़ी देर का विराम जरूर लें।
-टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करें।
-रोजाना व्यायाम या थोड़ी देर सैर जरूर करें।
-खान-पान का पूरा ध्यान रखें। हल्का खाएं और थोड़ी थोड़ी देर पर खाएं।
-रोजाना कम से कम सात घंटे की नींद जरूर लें
-जो कुछ भी पढ़ा है, उसे दोहराएं जरूर।
-खुद में आत्मविश्वास पैदा करें।
-सहपाठियों से तुलना न करें।
-किसी बात को लेकर यदि कोई परेशानी है तो उसे अभिभावकों व शिक्षकों से जरूर शेयर करें।
अभिभावक रखें ध्यान
-बच्चे पर अपनी इच्छा न थोपे।
-बच्चे को अकेला न छोड़े।
-बच्चे के साथ घर पर किसी का रहना जरूरी है।
-बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाते रहे और तैयारी में उसका साथ दें।
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12वीं की री-प्रीबोर्ड परीक्षा जनवरी में
सीबीएसई बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं से पहले होने वाली री-प्री बोर्ड की परीक्षा जनवरी में होगी। 12वीं की इन परीक्षाओं में जिले के सात हजार परीक्षार्थी सम्मलित होंगे। बोर्ड केछात्रों की तैयारी करवाने केबाद यह स्कूल की फाइनल परीक्षाएं होती हैं।
एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या रेनू सिंह ने कहा कि जनवरी की शुरुआत में परीक्षाएं शुरू होंगी और बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं से पहले पूरी करा ली जाएंगी। इन परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले छात्रों के कमजोर विषयों की तैयारी अतिरिक्त कक्षाओं केजरिए करवाई जाएगी। आर्मी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या अनीता शाह कहा कि 12वीं के बोर्ड के परीक्षार्थियों का कोर्स लगभग पूरा होने को है। क्रिसमस के बाद री-प्री बोर्ड की परीक्षाएं होंगी और जनवरी में खत्म भी हो जाएंगी।