नोएडा। यमुना में आए पानी को ओखला बैराज से आगे बढ़ा दिया गया। इससे शहर तो सुरक्षित हो गए, लेकिन खादर क्षेत्र में आफत आ गई है। यमुना का पानी असगरपुर से लेकर याकूतपुर खादर तक पहुंचकर नोएडा बांध तक आ चुका है।
नोएडा के सेक्टर-94 से होकर बांध के किनारे की पड़ताल ‘अमर उजाला’ ने की। यहां पर लोग सड़कों पर आ चुके हैं। खेतों में काम करके अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले गरीब ग्रामीणों के पास फिलहाल कुछ नहीं बचा है। इतवारी लाल, भीमसेन और संजय जैसे सैकड़ों ग्रामीणों की फसलें पूरी तरह से खराब हो गई हैं। किसी ने बैंगन उगा रखा था तो किसी को भिंडी उतारनी थी, लेकिन पानी ने मौका नहीं दिया। लोगों ने बताया कि छह महीने की कमाई एक झटके में ही डूब गई। उनका कहना है कि अभी कुछ जगह पौधों की खेती बाकी है।
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जलमग्न हुए फार्म हाउस
नोएडा। यमुना के किनारे बनाए गए दर्जनों फार्म हाउस भी जलमग्न हो चुके हैं। डूब क्षेत्र में इन फार्म हाउसों में खेती के साथ खेलकूद-मनोरंजन की भी व्यवस्था है। कहीं स्वीमिंग पूल बनाया है, तो कहीं रेस्ट हाउस बनाया गया है।
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पुलिस और गोताखोर मुस्तैद
नोएडा। उफान मारती यमुना की लहरों की निगरानी सिंचाई विभाग के साथ पुलिस भी कर ही है। एक तरफ नोएडा के जवान तैनात हैं, तो दूसरी तरफ जैतपुर क्षेत्र में दिल्ली पुलिस के जवान मोटरबोट से निगरानी करते हुए दिखाई पड़े। इसके साथ तमाम गोताखोर घाट पर बैठकर किसी अनहोनी से निपटने की तैयारी में दिखाई पड़े। यहां बैठे एक गोताखोर ने बताया कि अक्सर कालोनी के बच्चे नहाने के लिए आ जाते हैं, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने की वजह से दुर्घटना भी हो जाती है। ऐसा न हो, इसलिए दिनभर घाट के किनारे ही मुस्तैद रहते हैं।