जिले के परिषदीय विद्यालयों में शनिवार से वार्षिक परीक्षाएं अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हो गई। जिले के कई स्कूलों में मात्र एक-एक शिक्षक के सहारे ही परीक्षा हुई। ऐसे में परीक्षाओं के नाम पर महज खानापूरी ही हुई।
जिले के 1250 प्राथमिक विद्यालय व 570 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर आठ तक की वार्षिक परीक्षा शुरू हो गई। परीक्षा दो पालियों में हुई। पहली पाली में हिंदी व गणित और दूसरी पाली में कला व पर्यावरण शिक्षा विषय की परीक्षा हुई। जिले में परीक्षा के पहले दिन ही परिषदीय विद्यालयों में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। जिले भर में कई स्कूलों में मात्र एक शिक्षक होने के बावजूद कक्षा एक से लेकर आठ तक परीक्षाएं संपन्न कराई गईं। अधिकतर स्कूलों में बच्चे परीक्षा के बजाय एक दूसरे से बतियाने व मौजमस्ती करते देखे गए। वहीं कई स्कूलों में शिक्षक भी बच्चों पर ध्यान न देकर एक ही स्थान पर बैठकर गपशप करते देखे गए। शहर के चीनी मिल कैंपस स्थित प्राथमिक विद्यालय गौहनिया में एक मात्र इंचार्ज प्रधानाध्यापिका फातिमा बेगम ही परीक्षा कार्य देखती मिलती। इसी हॉल में उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चे भी परीक्षा देते मिले। यहां निर्धारित समय से पूर्व ही बच्चे हॉल के बाहर मौज मस्ती करते देखे गए। इधर बीएसए मसूद अख्तर अंसारी ने गिधौर, टांडा बिजैसी व भमौरा के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर परीक्षाओं का जायजा लिया। इसके अलावा अन्य ब्लाकों के स्कूलों में संबधित ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों ने परीक्षा का जायजा लिया।
पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र के 325 प्राइमरी और 142 जूनियर हाईस्कूलों में शनिवार को परीक्षा शुरू हुई। प्राइमरी स्कूलों में 34843 और जूनियर हाईस्कूलों में 12266 विद्यार्थी पंजीकृत है।
------
बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा के अलावा विश्वविद्यालय परीक्षाओं में लगाई गई है। जिन विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ नहीं है वहां संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को परीक्षा व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को निर्देशित किया गया है।
-मसूद अख्तर अंसारी, बीएसए