कड़ाके की ठंड ने लोगों को रजाई में दुबकने के लिए मजबूर कर दिया है। नए साल की सुबह कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद कोहरा छंटा, लेकिन धुंध पूरे दिन बनी रही। लोगों को सूर्य के दर्शन नहीं हो सके। गलन भरी ठंड से लोग परेशान रहे। ठंड की चपेट में आने से एक मासूम की मौत हो गई, जबकि दस लोगों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ठंड से बचने के लिए लोग सड़क किनारे जल रहे अलाव के सामने बैठे रहे।
रविवार को गलन और बढ़ गई। ठंड से लोग कांपते नजर आए। दोपहर तक कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद कोहरा छंटा तो धुंध ने अपना रंग दिखाया। इससे सूरज नहीं निकल सका। ज्यादातर लोग ठंड से बचने के लिए घरों के अंदर रजाई में छिपने को मजबूर हो गए। लोग मजबूरी में किसी काम से घर से बाहर निकल रहे थे तो कुछ दूर चलने के बाद अलाव खोज रहे थे। दिनभर सूर्यदेव के न निकलने और गलन बढ़ जाने से पट्टी कोतवाली के रेडीगारापुर गांव निवासी सुशील मिश्र की दस दिन की मासूम बच्ची को ठंड लग गई। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इधर ठंड की चपेट में आने से नगर कोतवाली के टक्करगंज निवासी मोहनी (95) पत्नी गयादीन, गडईचकदेइया निवासी कल्पना देवी (75) पत्नी जगरनाथ, सहोदरपुर निवासी सीमा (45) पत्नी फूलचन्द्र, सिप्टैन रोड निवासी अमृतलाल (72), सिविल लाइन निवासी लीलावती (52) पत्नी केके त्रिपाठी, टेऊंगा निवासी दयावती (45), पत्नी भइयालाल, कंधई थाना के सरसीडीह गांव निवासी रामदास (65), मानधाता थाना के रोर गांव निवासी सोनी (14) पुत्री दिवाकर, रानीगंज थाना के जोहापुर निवासी कड़ेदीन (80), कोहड़ौर थाना के हरदई गांव निवासी पूजा (24) पत्नी राहुल की हालत बिगड़ गई। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
12वीं तक के स्कूल आठ तक बंद
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। कड़ाके की ठंड के चलते जिले में एक से 12 तक के सभी स्कूल 8 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि जिले के परिषदीय स्कूलों के साथ नर्सरी और कान्वेट भी कक्षा एक से 12 तक 8 जनवरी तक बंद रहेंगे। शिक्षक स्कूल जाएंगे। इस दौरान शिक्षण कार्य
कराते हुए कोई स्कूल मिला तो कार्रवाई की जाएगी।