अधिकारियों और कर्मचारियों की हाजिरी ऑनलाइन लगाने के लिए बायोमैट्रिक मशीन खरीद में अधिकारी खेल नहीं कर पाएंगे। कार्यालयों में बायोमैट्रिक मशीन अब वही संस्थाएं लगाएंगी, जिन्हें विभाग ने पूर्व में ही चिह्नित कर रखा है। ऐसा इसलिए होगा कि सचिवालय में बैठे शीर्ष अधिकारी विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति देखकर नकेल कस सकें।
अफसरों और कर्मचारियों के समय से कार्यालय आने के लिए बायोमैट्रिक मशीन लगाए जाने का निर्देश शासन ने दिया है।
आदेश आते ही कुछ विभागों के अफसर इस मशीन को लगाने में भी कमीशन खोजने लगे थे। ऐसे में शासन ने उन्हीं संस्थाओं से लगाने को कहा है कि जो विभाग में पूर्व से चिंहित है। दरअसल में बायोमैट्रिक मशीन प्रतिमाह का रिकार्ड तो देगी, कौन कर्मचारी कितने घंटे काम किया है, मगर वह विभाग की वेबसाइट से नहीं जुड़ेगी, तो लखनऊ में बैठे अधिकारी कैसे कर्मचारियों की उपस्थिति देखेंगे। इसलिए बायोमैट्रिक मशीन उसी कार्यदायी संस्था से लगवानी होगी, जो विभाग की वेबसाइट से जोड़ सके। दरअसल, इन दिनों बायोमैट्रिक से लगने वाली उपस्थिति को लेकर विभागों में तरह-तरह की चर्चा है। फिलहाल विभागों में बायोमैट्रिक मशीन लगने से अफसरों और कर्मचारियों की मनमानी पर रोक लगेगी।