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जेल के भीतर बमबाजी, दहशत में बंदी

अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Wed, 20 Apr 2016 12:14 AM IST
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जिला कारागार के भीतर सोमवार को हुई बमबाजी से बंदी से लेकर बंदीरक्षक तक दहशत में हैं। बमबाजी से कुम्हड़बाड़ा की दीवार क्षतिग्रस्त हुई है। मौके से मिले जिंदा बम व छर्रे को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इस मामले में जेल अधीक्षक की तहरीर पर नगर कोतवाली में मंगलवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की
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गई है।

जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने नगर कोतवाल को दी गई तहरीर में कहा है कि 18 अप्रैल को प्रधान बंदीरक्षक वशिष्ठ नारायण यादव अपनी कमान के साथ बंदियों को जेल के भीतर कृषि फार्म में कार्य कराने के लिए लेकर गया। लौकी के खेत में काम कराने के दौरान कुम्हड़बाड़ा की दीवार के पास एक देशी बम दिखाई पड़ा। इसके साथ ही दीवार की कई ईंटें भी क्षतिग्रस्त हो गईं थीं। करीब ही बम के छर्रे, लोहे के नट, धागा व अधजला कागज भी दिखाई पड़ा। मामला समझते ही बंदीरक्षक ने घटना की जानकारी जेल अधीक्षक व जेलर को दी। सूचना मिलते ही जेल अधिकारी मौके पर पहुंचे और जिंदा बम को निष्क्रिय करने के लिए पानी भरी बाल्टी में डाला गया।

सूत्रों की मानें तो बमबाजी के दौरान बंदी रक्षक बंदियों से काम करा रहा था और वह बम फटने के दौरान बाल- बाल बचा। वहीं इस पूरे  मामले में जेल अधीक्षक का दावा है कि बाहर से बम फेंके गए हैं। एक बम दीवार पर लगने के कारण फट गया। जबकि दूसरा बम गीली मिट्टी पर गिरा था। जो फटा नहीं । उनके मुताबिक जेल के पश्चिम दिशा में रेलवे लाइन की ओर से बम फेंका गया है। जेल अधीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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